1. Assessment Year की जगह Tax Year
अब आईटीआर फाइल करते समय “Assessment Year” की जगह Tax Year दिखेगा। यह बदलाव टैक्सपेयर्स के लिए नियमों को समझना आसान बनाएगा।
2. ITR Filing की तारीख में बदलाव
जो लोग ITR-1 और ITR-2 के तहत टैक्स फाइल करते हैं, उन्हें 31 जुलाई तक समय मिलेगा। वहीं ITR-3 और ITR-4 के तहत नॉन-आडिट टैक्सपेयर्स अब 31 अगस्त तक आईटीआर फाइल कर सकते हैं।
3. Revised Return की नई तारीख
रिवाइज्ड रिटर्न फाइल करने की अंतिम तारीख बढ़ाकर 31 मार्च कर दी गई है। अब टैक्सपेयर्स इस दिन तक पेनल्टी के साथ आईटीआर दाखिल कर सकते हैं।
4. TCS में कटौती
विदेश में शिक्षा और चिकित्सा के लिए 10 लाख रुपये से अधिक की राशि पर लगाया जाने वाला TCS 5% से घटाकर 2% कर दिया गया है। इसी तरह विदेशी पर्यटन पैकेजों पर भी अब 2% टीसीएस लगेगा।
5. कुछ चीजें TDS फ्री
मोटर एक्सीडेंट मुआवजा और कर्मचारियों के घर आने-जाने पर मिलने वाले रीइंबर्समेंट पर अब TDS नहीं लगेगा।
6. TAN की समाप्ति
गैर-निवासी संपत्ति पर टैक्स भरने के लिए अब TAN की आवश्यकता खत्म कर दी गई है। गैर-निवासी अब पैन लिंक चालान से सीधे टीडीएस जमा कर सकते हैं।
7. पेंशन पर टैक्स छूट
आर्मी और अन्य पेंशनधारियों को टैक्स छूट केवल उन्हीं को मिलेगी जिन्होंने शारीरिक अक्षमताओं के कारण सेवा छोड़ी है।
8. Exemption बढ़ाई गई
शिक्षा संबंधी छूट को 3000 रुपये प्रति छात्र और होस्टल छूट को 9000 रुपये प्रति छात्र कर दिया गया है।
9. SGB पर टैक्स लागू
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) पर अब नए निवेशकों और शुरुआत से होल्ड न करने वालों को कैपिटल गेन टैक्स देना होगा।
10. Buyback महंगा होगा
कंपनी के शेयर बायबैक पर निवेशकों को अब कैपिटल गेन टैक्स देना होगा। कंपनी प्रमोटर द्वारा बायबैक पर 30% और सामान्य बायबैक पर 22% टैक्स लगेगा।
11. Share Market Tax Rules में बदलाव
फ्यूचर ट्रेडिंग पर STT 0.02% से बढ़ाकर 0.05% और ऑप्शन प्रीमियम पर SST 0.10% से बढ़ाकर 0.15% कर दिया गया। ऑप्शन एक्सरसाइज पर भी 0.15% SST लगेगा।

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