उन्होंने यह भी बताया कि भारत के मुख्य अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक पार्टनर्स जैसे इंडोनेशिया, मलेशिया, रूस, यूक्रेन, अर्जेंटीना और ब्राज़ील से आयात लगातार जारी है। इसके साथ ही सरसों की बेहतर घरेलू पैदावार ने सप्लाई की स्थिरता को और मज़बूत किया है।
दूसरी बड़ी खुशखबरी समुद्री सुरक्षा को लेकर है। मिनिस्ट्री ऑफ पोर्ट्स, शिपिंग एंड वॉटरवेज के एडिशनल सेक्रेटरी मुकेश मंगल ने बताया कि वेस्ट एशिया क्षेत्र में सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं और समुद्री संचालन सामान्य रूप से जारी है। हाल ही में, एलपीजी ले जाने वाले दो भारतीय झंडे वाले जहाज, ग्रीन सांघवी और ग्रीन आशा, सुरक्षित रूप से होर्मुज स्ट्रेट से गुजर चुके हैं।
वर्तमान में वेस्टर्न पर्शियन गल्फ रीजन में 16 भारतीय जहाज तैनात हैं, जिनमें कुल 433 नाविक सवार हैं। मंत्रालय ने यह सुनिश्चित किया है कि भारतीय मिशन, विदेश मंत्रालय और समुद्री स्टेकहोल्डर्स के साथ मिलकर नाविकों की सुरक्षा और समुद्री संचालन में कोई रुकावट न आने पाए।
जानकारों के अनुसार, इन दोनों कदमों से न केवल खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित हुई है, बल्कि मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बावजूद भारत की रणनीतिक तैयारी और सतर्कता भी स्पष्ट हुई है। केंद्र सरकार ने साफ कहा है कि वह स्थिति पर लगातार नज़र रखेगी और जरूरत पड़ने पर तुरंत कार्रवाई करेगी। इस अपडेट से देशवासियों में न केवल राहत है, बल्कि आत्मनिर्भरता और सुरक्षा के प्रति भरोसा भी बढ़ा है।
.png)
0 comments:
Post a Comment