निरीक्षण में सामने आईं गंभीर खामियां
जिला स्तर पर किए गए निरीक्षण के दौरान कई परिषदीय विद्यालयों में अनियमितताएं पाई गईं। छात्रों की वास्तविक उपस्थिति और रजिस्टर में दर्ज आंकड़ों में भारी अंतर देखने को मिला। कुछ स्कूलों में मध्याह्न भोजन (एमडीएम) रजिस्टर में बच्चों की संख्या बढ़ाकर दर्ज की गई थी, जबकि मौके पर बहुत कम छात्र उपस्थित थे।
अनुपस्थिति और रिकॉर्ड में गड़बड़ी
निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि कुछ कर्मचारियों की अनुपस्थिति का सही रिकॉर्ड तक नहीं रखा गया था। पत्र व्यवहार रजिस्टर में आवश्यक प्रविष्टियां नहीं मिलीं, जिससे प्रशासनिक लापरवाही साफ झलकती है।
तत्काल कार्रवाई, सभी निलंबित
इन गंभीर अनियमितताओं को देखते हुए संबंधित अधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दोषी पाए गए प्रधानाध्यापकों और शिक्षकों को निलंबित कर दिया। साथ ही उन्हें अन्य विद्यालयों से संबद्ध कर दिया गया है और मामले की जांच के लिए खंड शिक्षाधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
समायोजन आदेश की भी अनदेखी
जांच में यह भी सामने आया कि कुछ प्रधानाध्यापकों को पहले ही अन्य स्कूलों में स्थानांतरण के आदेश दिए जा चुके थे, लेकिन उन्होंने अभी तक कार्यभार नहीं छोड़ा था। इसे भी अनुशासनहीनता मानते हुए कार्रवाई की गई।
कार्रवाई से विभाग में मचा हड़कंप
इस कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग में सख्ती का संदेश गया है। अधिकारियों का कहना है कि स्कूलों में लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी और आगे भी ऐसे निरीक्षण जारी रहेंगे। प्रशासन का मानना है कि इस तरह की सख्ती से स्कूलों की कार्यप्रणाली में सुधार आएगा और छात्रों को बेहतर शिक्षा मिल सकेगी।

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