ताज़ा सर्वे रिपोर्ट का खुलासा
VoteVibe के ‘वोट ट्रैकर’ ओपिनियन पोल के अनुसार, ममता बनर्जी एक बार फिर पश्चिम बंगाल में सत्ता में लौट सकती हैं। तृणमूल कांग्रेस को इस बार 174 से 184 सीटें मिलने का अनुमान है, जबकि बहुमत का आंकड़ा 148 सीटों का है। यह संकेत देता है कि टीएमसी की जीत सुनिश्चित हो सकती है, लेकिन उनकी सीटें पिछली बार की तुलना में कम हो सकती हैं।
वहीं, भारतीय जनता पार्टी (BJP) की स्थिति पहले से मजबूत नजर आ रही है। इस बार बीजेपी को 108 से 118 सीटें मिलने की संभावना है, जो टीएमसी के लिए कड़ी चुनौती साबित हो सकती है। कांग्रेस और सीपीएम जैसी अन्य पार्टियों के लिए मुकाबला मुश्किल दिखाई दे रहा है और उन्हें सिर्फ 0 से 4 सीटें मिल सकती हैं।
क्षेत्रवार मुकाबला
मेदिनीपुर: टीएमसी 22–24, बीजेपी 32–34
प्रेसिडेंसी क्षेत्र: टीएमसी 75–77, बीजेपी 31–33, अन्य 0–2
मालदा: टीएमसी 31–33, बीजेपी 15–17, अन्य 0–2
इन आंकड़ों से साफ होता है कि राज्य के कुछ प्रमुख क्षेत्रों में मुकाबला बेहद कड़ा होगा और अंतिम नतीजों पर इसका बड़ा असर पड़ेगा। कई सीटों पर मुकाबला बराबर-बराबर दिखाई दे रहा हैं, ये सीटें ही हार जीत तय कर सकती हैं।
पसंदीदा मुख्यमंत्री की रेस
सर्वे में ममता बनर्जी को अगले मुख्यमंत्री के रूप में सबसे आगे रखा गया है। उन्हें 46.4% वोटों का समर्थन मिला है। उनके बाद बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी हैं, जिन्हें 34.9% वोट मिले हैं। अन्य उम्मीदवारों जैसे अधीर रंजन चौधरी और मोहम्मद सलीम को क्रमशः 3.2% और 5.0% समर्थन मिला।
क्या है अहम संदेश?
सर्वे रिपोर्ट बताती है कि ममता बनर्जी का जादू अभी भी बंगाल में बरकरार है, लेकिन इस बार उन्हें बीजेपी से कड़ी टक्कर का सामना करना होगा। यह चुनाव राज्य की राजनीति के लिए अहम मोड़ साबित हो सकता है। कुल मिलाकर, पश्चिम बंगाल 2026 चुनाव न केवल टीएमसी और बीजेपी के बीच, बल्कि पूरे राज्य में राजनीतिक समीकरण बदलने वाला महायुद्ध है। जनता की अंतिम पसंद ही तय करेगी कि बंगाल में सत्ता की बाजी किसके हाथ में जाएगी।
.png)
0 comments:
Post a Comment