किन परिवारों को मिल सकता है योजना का लाभ?
योजना की ब्याज सब्सिडी स्कीम के अंतर्गत उन परिवारों को लाभ मिल सकता है, जिनकी सालाना घरेलू आय ₹9 लाख तक है। इसके अलावा, मकान की कीमत ₹35 लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए और होम लोन की सीमा ₹25 लाख तक निर्धारित है। घर का कारपेट एरिया भी 120 वर्ग मीटर तक होना चाहिए।
होम लोन के ब्याज पर कितनी मिलेगी राहत?
इस योजना के तहत पात्र लाभार्थियों के होम लोन के शुरुआती ₹8 लाख पर 4 प्रतिशत की ब्याज सब्सिडी का प्रावधान है। निर्धारित नियमों के अनुसार यह लाभ अधिकतम 12 साल की अवधि के लिए दिया जा सकता है। सब्सिडी की अधिकतम सीमा ₹1.80 लाख है।
ध्यान देने वाली बात यह है कि हर लाभार्थी को पूरी ₹1.80 लाख की राशि मिलना जरूरी नहीं है। वास्तविक लाभ लोन की रकम, अवधि और योजना के नियमों के अनुसार तय होगा। उदाहरण के लिए, ₹20 लाख का होम लोन लेने पर भी सब्सिडी पूरे लोन पर नहीं, बल्कि निर्धारित सीमा के भीतर ही मिलेगी।
लाभार्थियों को तीन श्रेणियों में बांटा गया है:
EWS: सालाना पारिवारिक आय ₹3 लाख तक।
LIG: सालाना पारिवारिक आय ₹3 लाख से ₹6 लाख तक।
MIG: सालाना पारिवारिक आय ₹6 लाख से ₹9 लाख तक।
हालांकि, केवल आय सीमा में आने से सब्सिडी मिलना तय नहीं है। आवेदक को योजना की अन्य शर्तें भी पूरी करनी होंगी।
आवेदन कैसे करें?
प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 के तहत ब्याज सब्सिडी का लाभ लेने के लिए आवेदक को योजना के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर आवेदन प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इसमें अपनी पात्रता जांचने, व्यक्तिगत और होम लोन से जुड़ी जानकारी भरने तथा आवश्यक दस्तावेज जमा करने जैसे चरण शामिल हैं। आवेदन की जांच संबंधित बैंक या वित्तीय संस्था और योजना के निर्धारित प्रावधानों के अनुसार की जाती है। पात्रता की पुष्टि होने के बाद ही सब्सिडी की प्रक्रिया आगे बढ़ती है।

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