ब्लड कैंसर का एक प्रकार है ल्यूकेमिया! जानें इसके 5 शुरुआती लक्षण

हेल्थ डेस्क। ल्यूकेमिया रक्त और अस्थि मज्जा (बोन मैरो) से जुड़ा एक प्रकार का कैंसर है। इसमें शरीर में असामान्य सफेद रक्त कोशिकाएं बनने लगती हैं, जिससे सामान्य रक्त कोशिकाओं के निर्माण और कामकाज पर असर पड़ सकता है। इसके लक्षण शुरुआत में सामान्य बीमारियों जैसे लग सकते हैं, इसलिए लंबे समय तक बने रहने वाले बदलावों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

ल्यूकेमिया के 5 शुरुआती लक्षण

1. लगातार थकान और कमजोरी: पर्याप्त आराम के बाद भी थकान महसूस होना या रोजमर्रा के काम करने में परेशानी होना इसका एक संभावित संकेत हो सकता है। ऐसा लाल रक्त कोशिकाओं की कमी यानी एनीमिया के कारण भी हो सकता है।

2. बार-बार बुखार या संक्रमण: ल्यूकेमिया में सामान्य रक्त कोशिकाओं का काम प्रभावित हो सकता है। ऐसे में कुछ लोगों को बार-बार संक्रमण होने या बुखार बने रहने की समस्या हो सकती है।

3. आसानी से चोट लगना या खून बहना: बिना स्पष्ट कारण शरीर पर नीले निशान पड़ना, नाक या मसूड़ों से खून आना प्लेटलेट्स की कमी से जुड़ा हो सकता है। ऐसा होने पर चिकित्सकीय जांच जरूरी है।

4. वजन कम होना और भूख में कमी: बिना कोशिश के वजन घटना, भूख कम लगना या शरीर में ऊर्जा की कमी महसूस होना कई बीमारियों के संकेत हो सकते हैं। यदि ये लक्षण लगातार बने रहें, तो डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

5. हड्डियों या जोड़ों में दर्द: कुछ मरीजों को हड्डियों या जोड़ों में दर्द और असहजता महसूस हो सकती है। यह लक्षण लगातार बना रहे या दूसरे संकेतों के साथ दिखाई दे, तो जांच कराने में देरी न करें।

कब डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए?

इनमें से कोई लक्षण दिखाई देने का मतलब यह नहीं है कि व्यक्ति को ल्यूकेमिया ही है। इन समस्याओं के कई अन्य कारण भी हो सकते हैं। हालांकि, लगातार बुखार, असामान्य रक्तस्राव, बार-बार संक्रमण या बिना कारण वजन घटने पर डॉक्टर से जल्द संपर्क करना चाहिए। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर कंप्लीट ब्लड काउंट (CBC) और अन्य जांच कराने की सलाह दे सकते हैं।

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