1. एक करोड़ परिवारों को उद्यमी बनाने का लक्ष्य
सरकार ने 2030 के विधानसभा चुनाव से पहले बिहार के एक करोड़ परिवारों को उद्यमिता से जोड़ने का लक्ष्य रखा है।
2. ‘मेड इन बिहार’ को सरकारी खरीद में प्राथमिकता
बिहार में तैयार होने वाले उत्पादों को सरकारी खरीद में 25 से 40 प्रतिशत तक प्राथमिकता देने की व्यवस्था की गई है।
3. बिहार में उत्पादन पर जोर
सरकार चाहती है कि जिन वस्तुओं का उत्पादन बिहार में संभव है, उन्हें दूसरे राज्यों से मंगाने के बजाय राज्य में ही तैयार किया जाए।
4. 50 करोड़ तक के टेंडर में स्थानीय उद्यमियों को फायदा
50 करोड़ रुपये तक की सरकारी परियोजनाओं में बिहार का उद्यमी L2, L3 या L4 पर होने के बावजूद L1 की दर पर काम करने को तैयार है, तो उसे काम देने का प्रावधान बताया गया है।
5. 45 हजार नए उद्यमी तैयार होंगे
सरकार के अनुसार करीब 45 हजार नए उद्यमियों को तैयार किया जा रहा है। कार्यक्रम में लगभग 7 हजार लाभार्थियों को पहली या अगली किस्त भी दी गई।
6. हर उद्यमी को 10 लाख रुपये तक की मदद
मुख्यमंत्री उद्यमी योजना में पात्र लाभार्थी को अधिकतम 10 लाख रुपये तक का सहयोग मिलता है। इसमें 5 लाख रुपये अनुदान और 5 लाख रुपये ऋण शामिल है।
7. करीब ढाई लाख रोजगार की उम्मीद
सरकार के अनुमान के मुताबिक यदि करीब 44 हजार उद्यमी औसतन पांच लोगों को रोजगार देते हैं, तो लगभग 2.5 लाख लोगों को रोजगार मिल सकता है।
8. पलायन रोकने पर जोर
सरकार का लक्ष्य रोजगार के अवसर बढ़ाकर उन करीब 12 लाख लोगों के पलायन को कम करना है, जो काम की तलाश में दूसरे राज्यों का रुख करते हैं।
9. एक जिला-एक क्लस्टर और एक जिला-एक उत्पाद
बिहार एमएसएमई नीति 2026 के तहत एक करोड़ से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार का लक्ष्य बताया गया है। साथ ही क्लस्टर विकास योजना के जरिए ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन क्लस्टर’ और ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट’ को बढ़ावा दिया जाएगा।

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