जानिए इसरो के सभी चेयरमैनों के बारे में कुछ रोचक तथ्य

साइंस डेस्क: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो), भारत सरकार की अंतरिक्ष एजेंसी है। सन 1963 से इसरो के 10 चेयरमैन नियुक्त किए जा चुके हैं। आज इन सारे चेयरमैनों के कुछ रोचक तथ्य के बारे में जानने की कोशिश करेंगे। तो आइये इसके बारे में जानते हैं विस्तार से। 
1. डॉ. विक्रम साराभाई (1963 - 1972) :
डॉ. विक्रम साराभाई को भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम का पिता माना जाता है। ये इसरो के पहले चेयरमैन थे। विक्रम साराभाई ने भारत में इन संस्थानों की स्थापना की थी। 
(a) भौतिक अनुसंधान प्रयोगशाला (PRL), अहमदाबाद।
(b). भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM), अहमदाबाद
(c). विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र, तिरुवनंतपुरम
(d). फ़ास्ट ब्रीडर टेस्ट रिएक्टर (FBTR), कल्पक्कम। 

2. प्रो. सतीश धवन (1972-1984) :
प्रो. सतीश धवन को भारतीय रॉकेट विज्ञान का जनक माना जाता है। प्रो. सतीश को भारतीय संचार उपग्रह (INSAT) और ध्रुवीय उपग्रह लॉन्च वाहन (PSLV) के परिचालन को सुगम बनाने के लिए हमेशा याद किया जायेगा। 

3. प्रो. उडुपी रामचंद्र राव (1994-1994) :
 प्रो. राव ने 1972 में भारत में उपग्रह प्रौद्योगिकी स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इन्होने पहले उपग्रह 'आर्यभट्ट' को डिजाइन करने में भी मुख्य भूमिका निभाई थी। 

4. डॉ कृष्णस्वामी कस्तुरीरंगन (1994-2003) :
डॉ कृष्णस्वामी कस्तुरीरंगन इसरो के अध्यक्ष के रूप में PSLV और GSLV की मदद से भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम में कई मील के पत्थर गाड़े थे। वे भारत के प्रथम दो प्रायोगिक भू-प्रेक्षण उपग्रह, भास्कर-I व भास्कर -II के परियोजना निदेशक भी थे। 

5. श्री G.माधवन नायर (2003-2009) :
भारत का चाँद पर भेजा गया पहला मिशन "चंद्रयान -1" G. माधवन नायर के चेयरमैन रहते ही भेजा गया था।  इनके 6 साल के चेयरमैन और इसरो सेक्रेटरी के कार्यकाल में दौरान इसरो ने 25 मिशनों को सफलतापूर्वक पूरा किया था। 

6. डॉ. के. राधाकृष्णन (2009-2014) :
भारत का पहला इंटरप्लानेटरी मिशन "मंगलयान" डॉ. के. राधाकृष्णन के चेयरमैन रहने के दौरान ही भेजा गया था। 

7. श्री A.S. किरण कुमार (2015 - 2018) :
 श्री A.S. किरण कुमार भारत के चंद्रयान-1 और मंगलयान मिशन को सफलता पूर्वक भेजने में अहम भूमिका निभाई भी। भारतीय राष्ट्रीय क्षेत्रीय नेविगेशन प्रणाली (IRNSS) और जीपीएस एडेड जियो नेविगेशन (GAGAN)का विकास भी इनकी ही देखरेख में किया गया था। 

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