इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य में अगले दस वर्षों के भीतर 10 लाख नई सूक्ष्म इकाइयों की स्थापना करना है, जिससे रोजगार सृजन, निवेश को बढ़ावा देने और उद्योगों को गति देने के लक्ष्य को पूरा किया जा सके। सरकार का मानना है कि इससे न केवल युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने में मदद मिलेगी, बल्कि इससे प्रदेश की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी।
क्या है योजना का लाभ?
योजना के तहत 5 लाख रुपये तक का ब्याजमुक्त ऋण युवाओं को दिया जाएगा। इसके साथ ही, 10 प्रतिशत मार्जिन मनी सब्सिडी भी दी जाएगी, जो उद्यम स्थापित करने के लिए आवश्यक पूंजी की कमी को पूरा करेगी। इसके अलावा, डिजिटल लेन-देन को प्रोत्साहित करने के लिए एक रुपये से लेकर दो हजार रुपये तक अतिरिक्त अनुदान भी मिलेगा।
वर्गीय आरक्षण के तहत योगदान:
इस योजना में सामान्य वर्ग को 15 प्रतिशत, ओबीसी को 12.5 प्रतिशत और एससी-एसटी एवं दिव्यांग आवेदकों को 10 प्रतिशत का अंशदान करना होगा। यह प्रणाली युवाओं को उद्यमिता के लिए और अधिक प्रोत्साहित करेगी।
कैसे करें आवेदन?
इच्छुक युवा किसी भी कार्यदिवस में जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केंद्र से संपर्क कर सकते हैं। वहां से वे आवेदन फार्म प्राप्त कर सकते हैं और योजना से संबंधित सभी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। सरकार ने इस योजना को सरल बनाने के लिए आवेदन प्रक्रिया को भी डिजिटल किया है, जिससे युवाओं को किसी भी स्थान से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

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