भारत की 'पृथ्वी-II' मिसाइल पाकिस्तान की 'गजनवी' से बेहतर

नई दिल्ली: हाल ही में जम्मू-कश्मीर में हुए आतंकी हमले ने एक बार फिर से भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव को बढ़ा दिया है। वहीं, पाकिस्तान की ओर से मिसाइलों और परमाणु बमों की धमकियां दी जा रही हैं, और उनके रेल मंत्री तो मिसाइलों के नाम तक गिनाने लगे हैं—‘गजनवी’, ‘गौरी’, और ‘शाहीन’! लेकिन क्या वे यह भूल गए हैं कि पाकिस्तान की ये मिसाइलें भारत की ताकतवर मिसाइलों के सामने कहीं नहीं ठहरतीं?

'गजनवी' – एक कमजोर मिसाइल

पाकिस्तानी मंत्री जितना भी गजनवी मिसाइल का बखान करें, सच तो यही है कि यह मिसाइल तकनीकी दृष्टि से बेहद सीमित है। बता दें की 'गजनवी' एक शॉर्ट-रेंज बैलिस्टिक मिसाइल है, जिसकी मारक क्षमता लगभग 290 से 320 किलोमीटर के बीच है। इसे खासतौर पर परमाणु हथियारों को ले जाने के लिए डिजाइन किया गया था। पाकिस्तान ने इसे भारत के खिलाफ एक संभावित हथियार के रूप में तैयार किया था। हालांकि, 'गजनवी' की तकनीक में कुछ खामियां हैं, जिनकी वजह से इसे पूरी तरह से विश्वसनीय नहीं माना जा सकता।

गजनवी की सबसे बड़ी कमजोरी इसकी सीमित रेंज है, जो पाकिस्तान के रणनीतिक उद्देश्यों के लिए कम प्रभावी हो सकती है। इसके अलावा, गजनवी की सटीकता पर हमेशा सवाल उठते रहे हैं। रडार से पकड़े जाने का खतरा भी बहुत ज्यादा है, जिसका मतलब है कि एक बार यह मिसाइल लॉन्च होने के बाद भारत का एयर डिफेंस सिस्टम इसे आसानी से नष्ट कर सकता है।

'पृथ्वी-II' – पूरी तरह से स्वदेशी और श्रेष्ठ

अब अगर पाकिस्तान की मिसाइलों का मुकाबला भारत की 'पृथ्वी-II' से किया जाए, तो यह साफ है कि भारत की मिसाइल तकनीकी रूप से कहीं अधिक उन्नत है। 'पृथ्वी-II' एक शॉर्ट-रेंज बैलिस्टिक मिसाइल है, जो पूरी तरह से भारतीय तकनीक पर आधारित है। इसकी रेंज 350 से 500 किलोमीटर तक है, जो पाकिस्तान की गजनवी मिसाइल से कहीं ज्यादा है। 

यह भारत की सुरक्षा को सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाती है, और पाकिस्तान के खिलाफ कोई भी खतरा उत्पन्न होने पर भारत के पास इस मिसाइल का बेहतरीन जवाब है। 'पृथ्वी-II' की सटीकता, रेंज और रक्षा क्षमता पाकिस्तान की मिसाइलों से कई गुना बेहतर है। भारत ने अपनी मिसाइल प्रौद्योगिकी में जो प्रगति की है, वह इसे वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने के योग्य बनाती है।

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