बता दें की राज्य सरकार द्वारा लिए गए इस फैसले का मकसद आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को शिक्षा के क्षेत्र में प्रोत्साहन देना है। इस योजना के तहत लाभार्थियों की जानकारी जुटाने के लिए विभागीय स्तर पर काम शुरू हो चुका है। निदेशालय की ओर से यह राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाएगी।
बच्चों की डिटेल मांगी जा रही
विभाग की ओर से सभी जिलों में आंकड़े जुटाए जा रहे हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से उनके बच्चों की शिक्षा संबंधी जानकारी मांगी जा रही है, जिससे योग्य बच्चों की पहचान कर उन्हें योजना का लाभ दिया जा सके। सरकार का मानना है कि यह कदम न केवल बच्चों की शिक्षा को बढ़ावा देगा, बल्कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के उत्साह में भी वृद्धि करेगा। जल्द ही पहली किस्त लाभार्थियों के खातों में ट्रांसफर किए जाने की उम्मीद है।
आरक्षण का भी रखा गया है ध्यान
इस योजना में सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों को प्राथमिकता दी गई है।
विधवा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के बच्चों को 50 प्रतिशत आरक्षण
छात्राओं के लिए 25 प्रतिशत आरक्षण
आर्थिक कठिनाई का सामना कर रहे छात्रों के लिए 25 प्रतिशत आरक्षण तय किया गया है।
0 comments:
Post a Comment