ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे से बदलेगी तस्वीर
यह एक्सप्रेस-वे करीब 167 किलोमीटर लंबा ग्रीनफील्ड कॉरिडोर है, जिसे भारतमाला परियोजना के तहत विकसित किया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य राजधानी पटना को सीधे बेतिया से जोड़ना है, जिससे यात्रा समय में भारी कमी आने की उम्मीद है। निर्माण पूरा होने के बाद पटना से बेतिया की दूरी लगभग तीन घंटे में तय की जा सकेगी, जो अभी कई घंटों का समय लेती है।
किन जिलों को सबसे बड़ा फायदा
इस एक्सप्रेस-वे का सबसे बड़ा लाभ वैशाली, सारण, पूर्वी चंपारण और पश्चिम चंपारण जैसे जिलों को मिलेगा। ये सभी क्षेत्र सीधे राजधानी पटना से बेहतर और तेज सड़क नेटवर्क के जरिए जुड़ जाएंगे। इससे न केवल आम यात्रियों को सुविधा मिलेगी, बल्कि व्यापार, कृषि और छोटे उद्योगों को भी नई गति मिलने की संभावना है।
निर्माण की मौजूदा स्थिति
परियोजना के प्रथम खंड का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसका निरीक्षण हाल ही में मुख्यमंत्री द्वारा किया गया, जहां अधिकारियों को कार्य में और तेजी लाने के निर्देश दिए गए। पहले चरण का लक्ष्य वर्ष 2027 तक पूरा करने का रखा गया है।
भूमि अधिग्रहण और तैयारी
इस परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण का काम बड़े पैमाने पर किया गया है। केवल सारण जिले में ही 22 राजस्व ग्रामों से लगभग 99 हेक्टेयर भूमि ली गई है। इसमें 1200 से अधिक भूमि मालिक शामिल हैं, जिन्हें मुआवजा प्रक्रिया के तहत भुगतान किया जा रहा है।

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