आपको बता दें की इस नियम का लाभ उठाने के लिए सरकार ने क्लेम प्रक्रिया को भी सरल बनाया है। अब केवल स्कूल के प्रिंसिपल का सर्टिफिकेट ही पर्याप्त होगा, जिसमें बच्चे की पढ़ाई की पुष्टि हो। हॉस्टल सब्सिडी के लिए रहने और खाने के खर्च का प्रमाण देना जरूरी होगा।
शिक्षा भत्ते में बढ़ोतरी, फिक्स्ड रकम का फायदा
नए नियमों के अनुसार अब केंद्रीय कर्मचारियों को प्रति बच्चा ₹2,812.5 प्रति माह शिक्षा भत्ता मिलेगा। वहीं, हॉस्टल में रहने वाले बच्चों के लिए ₹8,437.5 प्रति माह की सब्सिडी तय की गई है। खास बात यह है कि यह राशि फिक्स्ड रहेगी, यानी वास्तविक खर्च कम हो या ज्यादा, कर्मचारियों को यह पूरी रकम मिलेगी।
महंगाई भत्ते से जुड़ा नया सिस्टम
सरकार ने इस भत्ते को महंगाई भत्ते (DA) से जोड़ दिया है। जैसे ही DA 50% से ऊपर जाएगा, CEA में अपने आप 25% की बढ़ोतरी हो जाएगी। इससे कर्मचारियों को बढ़ती महंगाई के साथ अतिरिक्त राहत मिलती रहेगी।
प्री-स्कूल पर भी मिलेगा लाभ
नई शिक्षा नीति के तहत अब नर्सरी, LKG और UKG जैसी प्री-स्कूल कक्षाओं को भी इस भत्ते में शामिल किया गया है। यानी अब छोटे बच्चों की शुरुआती पढ़ाई का खर्च भी कवर होगा। इसके अलावा, यदि शिक्षा नीति में बदलाव के कारण किसी बच्चे को एक क्लास दोबारा पढ़नी पड़े, तो इसके लिए भी एक बार की छूट दी गई है।
किन शर्तों पर मिलेगा फायदा
अधिकतम दो बच्चों के लिए ही CEA मिलेगा।
पति-पत्नी दोनों सरकारी कर्मचारी होने पर केवल एक ही क्लेम कर सकता है।
रिइम्बर्समेंट का दावा साल में एक बार, वित्त वर्ष समाप्त होने के बाद किया जाएगा।
अगर कोई कर्मचारी छुट्टी पर है या सस्पेंड है, तब भी उसे यह भत्ता मिलता रहेगा।
रिटायरमेंट या नौकरी समाप्त होने की स्थिति में भी उस शैक्षणिक वर्ष के अंत तक यह सुविधा जारी रहेगी।
.png)
0 comments:
Post a Comment