1. डिजिटल रजिस्ट्रेशन से आसान इलाज
नई व्यवस्था के तहत मरीजों का रजिस्ट्रेशन अब यूएमआईडी कार्ड नंबर के माध्यम से किया जाएगा। इसके साथ ही मोबाइल पर ओटीपी आधारित सत्यापन प्रणाली लागू होगी, जिससे पहचान प्रक्रिया तेज और सुरक्षित होगी।
2. कागजी रेफरल सिस्टम खत्म
अब मरीजों को किसी भी प्रकार के कागजी रेफरल की आवश्यकता नहीं होगी। पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन सिस्टम से संचालित होगी, जिससे समय की बचत होगी और अस्पतालों में भीड़ कम होगी।
3. इमरजेंसी और रेफरल सेवाएं भी ऑनलाइन
नई व्यवस्था में इमरजेंसी केसों और निजी अस्पतालों में रेफरल की प्रक्रिया भी डिजिटल होगी। मरीज की जानकारी पोर्टल पर अपलोड होने के बाद 24 घंटे के भीतर रेलवे अस्पताल द्वारा मंजूरी या अस्वीकृति दी जाएगी।
4. डिस्चार्ज प्रक्रिया भी डिजिटल
इलाज पूरा होने के बाद मरीज की छुट्टी की प्रक्रिया भी ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से पूरी की जाएगी। इससे पूरे उपचार चक्र में पारदर्शिता और रिकॉर्डिंग बेहतर होगी।
5. दो लाख से अधिक लोगों को मिलेगा लाभ
इस डिजिटल सिस्टम का सीधा फायदा भोपाल रेल मंडल सहित पश्चिम मध्य रेलवे के तीनों मंडलों के लगभग दो लाख कर्मचारियों और उनके परिवारों को मिलेगा। अधिकारियों के अनुसार इस नई व्यवस्था से न केवल इलाज की गति बढ़ेगी, बल्कि रिकॉर्ड डिजिटल होने से निगरानी भी आसान होगी। इससे किसी भी प्रकार की अनियमितता की संभावना कम होगी और मरीजों को बेहतर सेवाएं मिल सकेंगी।

0 comments:
Post a Comment