हर गौशाला में पूरे साल चारे की गारंटी
सरकार की योजना के अनुसार अब गौआश्रय स्थलों में संरक्षित पशुओं के लिए सालभर चारे की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। इसके लिए प्रत्येक जिले में पहले से ही जरूरत का अनुमान लगाकर भूसे का सुरक्षित भंडारण किया जाएगा, ताकि किसी भी मौसम या स्थिति में पशुओं को परेशानी न हो।
भूसा बैंक से बनेगी मजबूत सप्लाई
नई व्यवस्था में गौशालाओं के भीतर ही विशेष भंडारण केंद्र तैयार किए जा रहे हैं, जिन्हें भूसा बैंक कहा जा रहा है। इन केंद्रों के जरिए जरूरत के अनुसार चारा वितरित किया जाएगा, जिससे किसी भी स्तर पर कमी की स्थिति न बने।
पशुओं के स्वास्थ्य और देखभाल
सरकार ने केवल भोजन ही नहीं, बल्कि पशुओं की देखभाल पर भी ध्यान देने के निर्देश दिए हैं। गौशालाओं में हरा चारा, चोकर और साफ पानी की नियमित व्यवस्था के साथ-साथ समय-समय पर स्वास्थ्य जांच और टैगिंग भी जरूरी की गई है।
स्थानीय सहयोग से अभियान
इस योजना को सफल बनाने के लिए स्थानीय प्रशासन, किसानों और समाज की भागीदारी भी बढ़ाई जा रही है। इसके अलावा सीएसआर फंड और जनसहयोग के जरिए संसाधनों को मजबूत करने की कोशिश की जा रही है, ताकि व्यवस्था लंबे समय तक चल सके।
पहले से जारी है बड़ा बजट सपोर्ट
राज्य सरकार पहले ही निराश्रित पशुओं की देखभाल के लिए लगभग 1000 करोड़ रुपये का प्रावधान कर चुकी है। इस फंड से गौशालाओं का विस्तार, चारे की व्यवस्था और सुविधाओं को बेहतर बनाया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश में कोई भी गौवंश भूख या असहाय स्थिति में न रहे।

0 comments:
Post a Comment