स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर बढ़ी चिंता
जिस इलाके को लेकर सबसे ज्यादा डर है, वह है स्ट्रेट ऑफ होर्मुज। यह वही समुद्री रास्ता है, जहां से दुनिया के बड़े हिस्से का तेल व्यापार गुजरता है। जैसे ही यहां नाकेबंदी जैसी स्थिति की खबरें आईं, बाजार में सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ गई और कीमतें तेजी से ऊपर जाने लगीं।
तेल के दाम 100 डॉलर के पार
बाजार खुलते ही कच्चे तेल में तेज उछाल देखा गया। अमेरिकी क्रूड की कीमतें अचानक बढ़कर 104 डॉलर के पार पहुंच गईं, जबकि ब्रेंट क्रूड भी 100 डॉलर के ऊपर चला गया। कुछ ही घंटों में हुई इस तेजी ने ट्रेडर्स और निवेशकों दोनों को चौंका दिया।
अमेरिका का सख्त रुख
अमेरिकी प्रशासन की तरफ से साफ संकेत दिए गए हैं कि ईरान पर आर्थिक दबाव और बढ़ाया जाएगा। इस दौरान उन रास्तों और गतिविधियों पर भी नजर रखी जाएगी, जिनसे ईरान को तेल व्यापार में फायदा मिलता है। हालांकि अमेरिका ने यह भी कहा है कि सामान्य अंतरराष्ट्रीय व्यापार को रोकने का इरादा नहीं है, लेकिन हालात को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
बाजार में डर का माहौल
तेल की कीमतों में इस तेजी की असली वजह सिर्फ सप्लाई नहीं, बल्कि डर है। निवेशकों को लग रहा है कि अगर स्थिति और बिगड़ी तो तेल की सप्लाई बाधित हो सकती है। इसी वजह से शेयर बाजारों में भी दबाव देखने को मिला है। फिलहाल दुनिया की नजर इस बात पर टिकी है कि अमेरिका और ईरान के बीच यह तनाव किस दिशा में जाता है। अगर स्थिति शांत नहीं हुई तो आने वाले दिनों में तेल की कीमतें और ऊपर जा सकती हैं, जिसका असर सीधे आम लोगों की जेब पर पड़ेगा।

0 comments:
Post a Comment