बड़े स्तर पर शुरू होंगी परियोजनाएं
इस वर्ष 12 हजार करोड़ रुपये के बजट से लगभग 36 हजार करोड़ रुपये लागत की नई परियोजनाओं को शुरू करने की योजना बनाई गई है। इसका उद्देश्य कम बजट में अधिक से अधिक विकास कार्यों को मंजूरी देकर उन्हें चरणबद्ध तरीके से पूरा करना है।
जिलों से मांगे गए प्रस्ताव
प्रमुख सचिव अजय चौहान ने सभी जिलों को निर्देश दिया है कि वे 15 दिनों के भीतर नई सड़कों और पुल-पुलियों के प्रस्ताव भेजें। प्रस्ताव मिलने के बाद उन्हें मंजूरी दी जाएगी और अगले महीने से निविदा प्रक्रिया शुरू की जाएगी, ताकि निर्माण कार्य में देरी न हो।
पुराने कार्यों पर पूरा ध्यान
विभागाध्यक्ष ए.के. द्विवेदी के अनुसार कुल बजट में से बड़ा हिस्सा पहले से चल रही योजनाओं को पूरा करने में खर्च किया जाएगा। इससे लंबे समय से अधूरे पड़े काम जल्द पूरे हो सकेंगे।
धन जारी करने की व्यवस्था
नई परियोजनाओं के लिए शुरुआत में 20 से 30 प्रतिशत तक धनराशि जारी की जाएगी, ताकि निर्माण कार्य तेजी से शुरू हो सके और समय पर पूरा किया जा सके। पिछले वित्तीय वर्ष में आवंटित बजट का पूरा उपयोग नहीं हो पाया था, लेकिन इस बार सरकार ने बेहतर योजना और समयबद्ध प्रक्रिया के जरिए हर रुपये का सही इस्तेमाल करने की तैयारी की है।
आम लोगों को क्या मिलेगा फायदा?
गांव और शहरों के बीच बेहतर संपर्क
यात्रा में समय की बचत
व्यापार और परिवहन को बढ़ावा
रोजगार के नए अवसर
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