1. आधुनिक मिसाइल और प्रिसिजन हथियार
भारत इजरायल से कई अत्याधुनिक मिसाइल और प्रिसिजन गाइडेड सिस्टम हासिल कर रहा है। इनमें स्पाइस सीरीज बम जैसे सटीक निशाना लगाने वाले एयर-ड्रॉप्ड हथियार शामिल हैं, जो कठिन परिस्थितियों में भी लक्ष्य को भेदने में सक्षम हैं। इसके अलावा रैम्पेज जैसी सुपरसोनिक एयर-टू-ग्राउंड मिसाइलें लंबी दूरी तक सटीक हमला करने की क्षमता देती हैं।
2. लंबी दूरी की स्ट्राइक क्षमता में बढ़ोतरी
भारत Air LORA जैसी एयर लॉन्च बैलिस्टिक मिसाइलों पर भी विचार कर रहा है, जो दूरस्थ लक्ष्यों पर सटीक प्रहार करने में सक्षम हैं। वहीं, नई पीढ़ी की मिसाइल तकनीक भारत की स्टैंड-ऑफ स्ट्राइक क्षमता को और मजबूत कर रही है।
3. छोटे हथियार और इन्फेंट्री सिस्टम
भारतीय सेना के लिए इजरायल से बड़ी संख्या में नेगेव लाइट मशीन गन जैसे आधुनिक हथियार शामिल किए जा रहे हैं। इसके साथ ही क्लोज क्वार्टर बैटल कार्बाइन जैसी आधुनिक राइफल प्रणालियों की आपूर्ति भी चर्चा में है, जिससे पैदल सेना की मारक क्षमता बढ़ेगी।
4. ड्रोन और निगरानी तकनीक
इजरायल के हेरॉन जैसे सर्विलांस ड्रोन भारतीय सेना के लिए लंबे समय से महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। ये ऊंचाई पर उड़कर सीमा निगरानी और टोही कार्यों में मदद करते हैं। इसके अलावा हारोप जैसे लाइटरिंग म्यूनिशन ड्रोन दुश्मन के ठिकानों पर सटीक हमला करने में सक्षम हैं।
5. एयर डिफेंस सिस्टम में सहयोग
बराक-8 मिसाइल डिफेंस सिस्टम भारत और इजरायल के संयुक्त सहयोग का सबसे सफल उदाहरण है। यह मध्यम और लंबी दूरी की हवाई रक्षा क्षमता प्रदान करता है। इसके अलावा स्पाइडर जैसे शॉर्ट रेंज एयर डिफेंस सिस्टम भी भारतीय सुरक्षा ढांचे का हिस्सा हैं।

0 comments:
Post a Comment