बता दें की वित्त मंत्रालय हर तीन महीने में GPF की ब्याज दर की समीक्षा करता है और आर्थिक परिस्थितियों के अनुसार इसमें संशोधन करता है। इसी प्रक्रिया के तहत यह नई दर तय की गई है, जो नए वित्तीय वर्ष 2026-27 की शुरुआत से लागू मानी जाएगी।
7.1 प्रतिशत ब्याज दर तय
वित्त मंत्रालय द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, इस तिमाही में GPF पर 7.1 प्रतिशत सालाना ब्याज दिया जाएगा। यह दर 1 अप्रैल 2026 से 30 जून 2026 तक प्रभावी रहेगी। यह दर सार्वजनिक भविष्य निधि (PPF) के बराबर रखी गई है, जो पहले से ही 7.1 प्रतिशत पर स्थिर है।
किन-किन फंड्स पर लागू होगी दर
नई ब्याज दर केवल GPF तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यह कॉन्ट्रिब्यूटरी प्रॉविडेंट फंड, ऑल इंडिया सर्विस प्रॉविडेंट फंड और अन्य सरकारी प्रॉविडेंट फंड योजनाओं पर भी लागू होगी। इससे विभिन्न श्रेणियों के सरकारी कर्मचारियों को समान लाभ मिलेगा।
सरकारी कर्मचारियों के लिए सुरक्षित निवेश
जनरल प्रॉविडेंट फंड को सरकारी कर्मचारियों के लिए सबसे सुरक्षित बचत योजनाओं में से एक माना जाता है। इसमें कर्मचारी अपनी सैलरी का एक निश्चित हिस्सा जमा करते हैं, जिस पर उन्हें ब्याज मिलता है। रिटायरमेंट के समय यह राशि एकमुश्त भुगतान के रूप में मिलती है।
कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद मिलता है पूरा लाभ
GPF में जमा राशि और उस पर मिलने वाला ब्याज कर्मचारियों को रिटायरमेंट के समय दिया जाता है, जिससे उन्हें आर्थिक सुरक्षा मिलती है। यह योजना लंबे समय तक बचत करने और सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करने में मदद करती है।

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