आपको बता दें की इस बार राज्य की कुल 8035 पंचायतों में चुनाव कराए जाएंगे। मौजूदा नियमों के अनुसार, पंचायत वार्डों की सीमा में कोई बदलाव नहीं किया गया है और मतदाता सूची 2011 की जनगणना के आधार पर ही तैयार की जा रही है।
24-27 अप्रैल के बीच होगा प्रारूप प्रकाशन
आयोग के निर्देशों के अनुसार, सभी पंचायतों में मतदाता सूची का प्रारूप 24 अप्रैल से 27 अप्रैल के बीच प्रकाशित किया जाएगा। इसके लिए जिला निर्वाचन पदाधिकारियों (डीएम) को जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रारूप प्रकाशन के बाद ही आगे की चुनावी प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू होगी।
फॉर्म-1 की तैयारी शुरू
प्रारूप जारी होने के बाद सभी जिलों में फॉर्म-1 के आधार पर मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इस दौरान दावा और आपत्तियां ली जाएंगी, जिनका निपटारा निर्धारित समय सीमा में किया जाएगा। आपत्तियों के निपटारे के बाद अंतिम मतदाता सूची तैयार की जाएगी। यह सूची ही आगे पंचायत चुनाव के लिए आधार बनेगी। प्रशासन का उद्देश्य है कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरी की जाए।
नवंबर-दिसंबर में मतदान की संभावना
चुनाव आयोग के अनुसार, मतदान नवंबर-दिसंबर 2026 के बीच कराए जाने की संभावना है। कोशिश है कि मौजूदा जनप्रतिनिधियों का कार्यकाल समाप्त होने से पहले नए प्रतिनिधियों का चुनाव पूरा हो जाए। इस बार का पंचायत चुनाव खास माना जा रहा है क्योंकि पहली बार ईवीएम (EVM) के जरिए मतदान कराया जाएगा।
मतदाता एक ही मशीन पर वार्ड सदस्य, पंच, सरपंच, मुखिया समेत छह पदों के लिए वोट डाल सकेंगे। इसके लिए मल्टी-पोस्ट ईवीएम का उपयोग किया जाएगा। नियमों के अनुसार, इस बार आरक्षण रोस्टर में बदलाव किया जाएगा, क्योंकि हर 10 साल में इसे अपडेट करना अनिवार्य होता है। इससे पंचायत स्तर पर सामाजिक संतुलन बनाए रखने में मदद मिलेगी।

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