भारत ने कर दिया खेल, बढ़ी कमाई, किसानों के लिए खुशखबरी

नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय हालात में आए अचानक बदलाव का असर अब भारत के कृषि बाजार पर साफ दिखाई देने लगा है। बीते दो दिनों में थोक स्तर पर चावल की कीमतों में करीब 7% तक की तेजी दर्ज की गई है। इस उछाल के पीछे वैश्विक स्तर पर बदली परिस्थितियां और भारत की नई निर्यात नीतियां अहम भूमिका निभा रही हैं। इसका सीधा फायदा किसानों और निर्यातकों को मिलने की उम्मीद है।

सीजफायर से बदला बाजार का माहौल

अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष विराम (सीजफायर) की खबर ने अंतरराष्ट्रीय व्यापार को नई दिशा दी है। पहले जहां युद्ध के कारण समुद्री मार्ग बाधित हो रहे थे और कीमतों में गिरावट आई थी, वहीं अब हालात सुधरने से निर्यात ऑर्डर तेजी से बढ़ने लगे हैं। मिडिल ईस्ट और अमेरिका जैसे बड़े बाजारों से मांग बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं, जिससे भारतीय चावल की कीमतों में उछाल आया है।

निर्यात ऑर्डर में आई तेजी

चावल निर्यातकों के अनुसार, सीजफायर के बाद बाजार में सकारात्मक माहौल बना है। बासमती और गैर-बासमती दोनों प्रकार के चावल की मांग में तेजी आई है। कई निर्यातकों ने बंदरगाहों पर पहले से ही कंटेनर तैयार कर रखे हैं और अब शिपमेंट दोबारा शुरू होने की तैयारी में है।

निर्यात नियमों में ढील से बढ़ेगा व्यापार

भारत सरकार ने चावल निर्यात को बढ़ावा देने के लिए नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। अब एक्सपोर्ट इंस्पेक्शन काउंसिल (EIC) का सर्टिफिकेट केवल यूरोपीय संघ और ब्रिटेन जैसे चुनिंदा देशों के लिए अनिवार्य रहेगा। अन्य यूरोपीय देशों को छह महीने के लिए इस प्रक्रिया से छूट दी गई है। इस कदम से निर्यात प्रक्रिया आसान होगी और भारतीय चावल को नए बाजारों तक पहुंचने में मदद मिलेगी।

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