नई रेल लाइन की खास बातें
यह रेल परियोजना लगभग 117 किलोमीटर लंबी होगी और इसका रूट औरंगाबाद से शुरू होकर बिहटा तक जाएगा। इस पूरे प्रोजेक्ट के लिए करीब 3606 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है और लगभग 500 हेक्टेयर जमीन के अधिग्रहण की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है।
निर्माण और चरणबद्ध विकास
इस रेल लाइन को तीन अलग-अलग चरणों में पूरा करने की योजना है। पहले चरण में औरंगाबाद से अनुग्रह नारायण रोड तक लगभग 14 किलोमीटर ट्रैक का निर्माण होगा। इसके बाद दूसरा चरण अनुग्रह नारायण रोड से अरवल क्षेत्र तक और अंतिम चरण में बिहटा तक लाइन को जोड़ा जाएगा। यदि काम तय समय पर चलता रहा, तो अगले कुछ वर्षों में इस रूट पर ट्रेन संचालन शुरू हो सकता है।
इस रूट पर स्टेशन और कनेक्टिविटी
इस रूट पर लगभग 13 नए रेलवे स्टेशन बनाए जाने की योजना है। इससे न सिर्फ स्थानीय यात्रियों को सुविधा मिलेगी, बल्कि पटना और आसपास के क्षेत्रों तक पहुंच भी आसान हो जाएगी। अभी तक औरंगाबाद और पटना के बीच सीधी रेल सुविधा सीमित है, जिसे यह परियोजना काफी हद तक बदल देगी।
नई रेल लाइन से किन लोगों को फायदा
इस नई रेल लाइन से चार लोकसभा क्षेत्रों पाटलिपुत्र, जहानाबाद, काराकाट और औरंगाबाद के लाखों लोगों को लाभ मिलने की उम्मीद है। अनुमान है कि करीब 75 लाख लोग इस परियोजना से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से जुड़कर बेहतर यात्रा सुविधा का लाभ उठा सकेंगे।

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