फिटमेंट फैक्टर से तय होगा पूरा वेतन
वेतन आयोग में कर्मचारियों की सैलरी बढ़ोतरी का सबसे अहम आधार फिटमेंट फैक्टर होता है। इसी के आधार पर नया बेसिक पे तैयार किया जाता है। जितना अधिक फिटमेंट फैक्टर होगा, उतनी ही ज्यादा सैलरी में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। फिलहाल चर्चा में दो प्रमुख संभावित फिटमेंट फैक्टर सामने हैं 2.57 और 3.0। इन्हीं के आधार पर अनुमानित वेतन संरचना तैयार की जा रही है।
संभावित सैलरी स्ट्रक्चर (अनुमानित)
फिटमेंट फैक्टर 2.57 के आधार पर:
इस स्थिति में कर्मचारियों की सैलरी में मध्यम स्तर की बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
लेवल 1 से 4: लगभग ₹46,260 से ₹65,535
लेवल 5 से 8: लगभग ₹75,044 से ₹1,22,232
लेवल 9 से 12: लगभग ₹1,36,467 से ₹2,02,516
लेवल 13 से 13A: लगभग ₹3,16,367 से ₹3,36,827
लेवल 14 से 16: लगभग ₹3,70,595 से ₹5,27,878
लेवल 17 से 18: लगभग ₹5,78,250 से ₹6,42,500
फिटमेंट फैक्टर 3.0 के आधार पर:
यदि सरकार 3.0 फिटमेंट फैक्टर लागू करती है, तो सैलरी में अधिक बढ़ोतरी संभव है।
लेवल 1 से 4: लगभग ₹54,000 से ₹76,500
लेवल 5 से 8: लगभग ₹87,600 से ₹1,42,800
लेवल 9 से 12: लगभग ₹1,59,300 से ₹2,36,400
लेवल 13 से 13A: लगभग ₹3,69,300 से ₹3,93,300
लेवल 14 से 16: लगभग ₹4,32,600 से ₹6,16,200
लेवल 17 से 18: लगभग ₹6,75,000 से ₹7,50,000
रिपोर्ट और एरियर को लेकर उम्मीदें
8वें वेतन आयोग को अपनी रिपोर्ट तैयार करने के लिए लगभग 18 महीने का समय दिया गया है। इसके बाद ही अंतिम सिफारिशें लागू होंगी। अगर इसे 1 जनवरी 2026 से प्रभावी माना जाता है, तो कर्मचारियों को संभावित एरियर का लाभ भी मिल सकता है। पिछले वेतन आयोगों में भी एरियर दिया गया था, जिससे कर्मचारियों को एकमुश्त बड़ा भुगतान मिला था।

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