रिपोर्ट के मुताबिक 15 अप्रैल को सुबह 11 बजे होने वाले शपथ ग्रहण समारोह के साथ नई सरकार का औपचारिक गठन तय माना जा रहा है। लेकिन तब तक यह रहस्य बना रहेगा कि बिहार की कमान आखिर किसके हाथों में जाएगी। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव बिहार की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत कर सकता है, जिससे राज्य की सत्ता संरचना में बड़ा परिवर्तन देखने को मिलेगा।
14 अप्रैल को होगा बैठकों का अहम दिन
नई सरकार के गठन से पहले मंगलवार को राजनीतिक गतिविधियां बेहद तेज रहने वाली हैं। सुबह से लेकर शाम तक कई महत्वपूर्ण बैठकें प्रस्तावित हैं, जिनमें सत्ता परिवर्तन की औपचारिकताओं पर मुहर लग सकती है। सुबह 10 बजे बिहार कैबिनेट की अंतिम बैठक बुलाई गई है, जिसमें कुछ महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाने की संभावना है।
बीजेपी विधायक दल की बैठक पर टिकी नजरें
दोपहर 2 बजे भारतीय जनता पार्टी विधायक दल की अहम बैठक होगी। इस बैठक की कमान केंद्रीय नेता शिवराज सिंह चौहान संभाल सकते हैं। माना जा रहा है कि इसी बैठक में मुख्यमंत्री पद के संभावित नाम पर गंभीर चर्चा होगी और पार्टी अपना नेता तय कर सकती है।
एनडीए की बैठक में हो सकता है अंतिम फैसला
बीजेपी की बैठक के बाद एनडीए (NDA) विधायक दलों की संयुक्त बैठक होगी। इसी बैठक में गठबंधन का नेता चुना जा सकता है। इसके बाद ही नए मुख्यमंत्री के नाम की आधिकारिक घोषणा की संभावना है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि यह ऐलान 14 अप्रैल की शाम तक सामने आ सकता है।
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