चीनी मिलों के साथ गुड़ उद्योग पर भी जोर
सरकार केवल चीनी उत्पादन तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि गुड़ उद्योग को भी बढ़ावा देने की दिशा में काम कर रही है। जिन इलाकों में चीनी मिलें नहीं हैं, वहां गुड़ उत्पादन को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसके लिए विशेष योजना के तहत किसानों को सहायता और प्रशिक्षण देने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
गन्ना खेती के विस्तार की शुरुआत
राज्य में गन्ना फसल क्षेत्र विस्तार कार्यक्रम लागू किया गया है, जिसका मकसद गैर-परंपरागत क्षेत्रों में भी गन्ना खेती को बढ़ावा देना है। अब तक सैकड़ों एकड़ भूमि पर गन्ने की खेती शुरू हो चुकी है। भागलपुर, भोजपुर, दरभंगा, गया, जमुई, मुजफ्फरपुर, पटना, पूर्णिया, सहरसा और सीतामढ़ी जैसे जिलों में किसान इस पहल से जुड़ रहे हैं।
किसानों को मुफ्त बीज की सुविधा
इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि किसानों को गन्ने का बीज निःशुल्क दिया जा रहा है। छोटे और मध्यम किसान, जो 0.25 एकड़ से लेकर 5 एकड़ तक खेती करते हैं, वे इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। विभाग के अधिकारी गांव-गांव जाकर किसानों को इस योजना से जोड़ने का काम कर रहे हैं।
आय बढ़ाने के साथ रोजगार
गन्ना खेती को लाभकारी फसल माना जाता है, क्योंकि एक बार बोने के बाद इससे कई बार कटाई की जा सकती है। इसके अलावा गन्ने से गुड़, जूस और अन्य उत्पाद तैयार कर अतिरिक्त आय भी अर्जित की जा सकती है। इससे न सिर्फ किसानों की आमदनी बढ़ेगी, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
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