1. हर गांव में डेयरी समिति की योजना
सरकार की योजना के अनुसार राज्य के प्रत्येक गांव में डेयरी सहकारी समितियां बनाई जाएंगी। पहले चरण में 24,000 से अधिक गांवों को शामिल किया गया है, जिससे ग्रामीण महिलाओं को सीधे आर्थिक गतिविधियों से जोड़ा जाएगा।
2. पंचायत स्तर पर सुधा आउटलेट
राज्य की 8,000 से अधिक पंचायतों में सुधा डेयरी उत्पादों की बिक्री के लिए आउटलेट खोले जाएंगे। इन आउटलेट्स का संचालन लॉटरी प्रक्रिया के माध्यम से जीविका दीदियों को सौंपा जाएगा, ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
3. पशुपालन और नस्ल सुधार पर जोर
दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए सरकार ने पशुओं की नस्ल सुधार योजना को भी मजबूत किया है। इसके तहत उच्च गुणवत्ता वाले सीमेन उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे पशुधन की उत्पादकता बढ़ सके।
4. किसानों और महिलाओं की आय में वृद्धि
इस पहल से ग्रामीण महिलाओं और पशुपालक किसानों की आय में वृद्धि होने की उम्मीद है। संगठित डेयरी नेटवर्क के जरिए दूध संग्रह, प्रसंस्करण और बिक्री प्रणाली को मजबूत किया जाएगा।
5. मछली उत्पादन में भी तेजी
सरकार केवल डेयरी क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि मत्स्य पालन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। राज्य में मछली उत्पादन में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है और इसे आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

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