नए नियमों के तहत अगर कोई कर्मचारी अतिरिक्त समय काम करता है, तो उसे सामान्य वेतन से दोगुना भुगतान देना अनिवार्य होगा। इतना ही नहीं, ओवरटाइम भुगतान में किसी भी तरह की कटौती नहीं की जा सकेगी। यदि कर्मचारी से रविवार या साप्ताहिक अवकाश के दिन काम लिया जाता है, तो उस दिन भी दोगुना वेतन देना होगा।
समय पर सैलरी और पारदर्शिता जरूरी
अब सभी कंपनियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि हर कर्मचारी को महीने की सैलरी 10 तारीख तक एक ही किस्त में मिल जाए। इसके साथ ही सैलरी स्लिप देना भी अनिवार्य कर दिया गया है ताकि भुगतान में पारदर्शिता बनी रहे। सालाना बोनस को भी निर्धारित समय सीमा यानी 30 नवंबर तक सीधे कर्मचारियों के बैंक खाते में भेजना होगा।
मजदूरों के लिए क्या हैं नए नियम?
गौतम बुद्ध नगर प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार अब प्राइवेट कंपनियों को कई श्रम नियमों का सख्ती से पालन करना होगा। इनमें सबसे बड़ा बदलाव ओवरटाइम भुगतान और वेतन भुगतान प्रणाली में किया गया है।
महिला कर्मचारियों की सुरक्षा पर जोर
नई व्यवस्था में महिला कर्मचारियों की सुरक्षा को भी प्राथमिकता दी गई है। हर औद्योगिक इकाई में आंतरिक शिकायत समिति बनानी होगी, जिसकी अध्यक्षता महिला कर्मचारी करेंगी। इसके अलावा शिकायत बॉक्स और हेल्पलाइन या कंट्रोल रूम की सुविधा भी अनिवार्य की गई है, ताकि कार्यस्थल पर किसी भी समस्या का तुरंत समाधान हो सके।

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