प्रदेश को तीन श्रेणियों में बांटा गया
सरकार ने मजदूरी व्यवस्था को और व्यावहारिक बनाने के लिए पूरे प्रदेश को तीन श्रेणियों में विभाजित किया है:
श्रेणी-1: गौतमबुद्ध नगर (नोएडा-ग्रेटर नोएडा) और गाजियाबाद
श्रेणी-2: सभी नगर निगम वाले जिले
श्रेणी-3: बाकी सभी जिले
इस वर्गीकरण के आधार पर अलग-अलग न्यूनतम मजदूरी तय की गई है, ताकि महंगाई और स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखा जा सके।
श्रमिकों के वेतन में बढ़ोतरी
नई व्यवस्था के तहत श्रमिकों की मासिक आय में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की गई है।
श्रेणी-1 (नोएडा और गाजियाबाद):
अकुशल श्रमिक: 13,690 रुपये
अर्द्धकुशल श्रमिक: 15,059 रुपये
कुशल श्रमिक: 16,868 रुपये
श्रेणी-2 (नगर निगम क्षेत्र):
अकुशल श्रमिक: 13,006 रुपये
अर्द्धकुशल श्रमिक: 14,306 रुपये
कुशल श्रमिक: 16,025 रुपये
श्रेणी-3 (अन्य जिले):
अकुशल श्रमिक: 12,356 रुपये
अर्द्धकुशल श्रमिक: 13,590 रुपये
कुशल श्रमिक: 15,224 रुपये
इस बदलाव से कुछ क्षेत्रों में श्रमिकों की आय में एक हजार रुपये से लेकर तीन हजार रुपये से अधिक तक का इजाफा हुआ है।
विरोध और मांग के बाद लिया गया फैसला
नोएडा और ग्रेटर नोएडा में श्रमिक संगठनों द्वारा लंबे समय से मजदूरी बढ़ाने की मांग की जा रही थी। महंगाई, किराए में बढ़ोतरी और जीवन-यापन की बढ़ती लागत को लेकर कई प्रदर्शन भी हुए थे। इन परिस्थितियों को देखते हुए सरकार ने एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया, जिसने विभिन्न पक्षों से बातचीत कर रिपोर्ट तैयार की।
किन क्षेत्रों को नहीं मिला बदलाव
आपको बता दें की ईंट-भट्ठा उद्योग को इस नई व्यवस्था से बाहर रखा गया है, क्योंकि वहां मजदूरी पीस रेट यानी उत्पादन के आधार पर तय होती है।
.png)
0 comments:
Post a Comment