अमेरिका का बड़ा फैसला, भारत को मिलेगा सस्ता रूसी तेल

नई दिल्ली। वैश्विक ऊर्जा बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच भारत के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। अमेरिका ने रूस से तेल खरीदने पर दी गई छूट को एक महीने के लिए आगे बढ़ा दिया है, जिससे भारत जैसे देशों को ऊर्जा आपूर्ति बनाए रखने में मदद मिलेगी। यह फैसला ऐसे समय आया है जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल सप्लाई को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।

क्यों बढ़ाई गई छूट?

दुनिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव और आपूर्ति में रुकावटों के कारण कई देशों को ऊर्जा संकट का सामना करना पड़ रहा है। इसी स्थिति को देखते हुए अमेरिका ने पहले भारत समेत कुछ देशों को रूस से तेल खरीदने की अनुमति दी थी, जो खत्म हो गई थी। लेकिन अमेरिका के ट्रेजरी डिपार्टमेंट ने जहाजों में लोड किए जा चुके तेल को खरीदने की अनुमति 16 मई तक बढ़ा दी है। 

भारत को क्या फायदा?

भारत के लिए यह फैसला काफी अहम है, क्योंकि देश अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात से पूरा करता है। रूस से कच्चा तेल अपेक्षाकृत सस्ते दामों पर मिलने से भारत को आर्थिक रूप से भी राहत मिलती है। इससे पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर भी दबाव कम रहने की संभावना रहती है।

रूस बना अहम सप्लायर

रूस पिछले कुछ समय से भारत के लिए प्रमुख तेल आपूर्तिकर्ता बनकर उभरा है। हाल के महीनों में भारत ने रूस से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल खरीदा है, जिससे दोनों देशों के बीच ऊर्जा सहयोग और मजबूत हुआ है। जानकारों का मानना है कि यह फैसला वैश्विक सप्लाई चेन को स्थिर रखने में मदद करेगा। अगर अचानक छूट खत्म हो जाती, तो कई देशों के लिए तेल की उपलब्धता प्रभावित हो सकती थी, जिससे कीमतों में तेजी आ सकती थी।

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