क्या है मामला?
नियामक को लगातार ऐसी शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ व्यापारी फलों को जल्दी पकाने के लिए खतरनाक रसायनों का इस्तेमाल कर रहे हैं। खासकर कैल्शियम कार्बाइड जैसे प्रतिबंधित पदार्थ का उपयोग आम, केला और पपीता जैसे फलों को समय से पहले पकाने में किया जा रहा है, जो नियमों का खुला उल्लंघन है।
सख्ती के लिए जारी हुए निर्देश
FSSAI ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि फल मंडियों और गोदामों में निरीक्षण तेज किया जाए, थोक विक्रेताओं और आपूर्ति करने वालों पर कड़ी नजर रखी जाए, संदिग्ध जगहों पर विशेष अभियान चलाया जाए, प्रतिबंधित रसायन मिलने पर तुरंत कार्रवाई की जाए,
सिर्फ कार्बाइड ही नहीं, अन्य रसायनों पर भी नजर
जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ व्यापारी अन्य रसायनों का भी गलत तरीके से उपयोग कर रहे हैं। इसके अलावा फलों को आकर्षक दिखाने के लिए कृत्रिम रंग और मोम का इस्तेमाल भी किया जा रहा है, जिस पर अब सख्ती बढ़ाई जा रही है।
देशभर के उपभोक्ता कैसे रहें खुद को इससे सतर्क?
बहुत ज्यादा चमकदार या एक जैसे रंग वाले फल खरीदने से बचें।
खाने से पहले फलों को अच्छी तरह धोएं।
स्वाद या गंध असामान्य लगे तो फल का सेवन न करें।
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