बंगाल में चलेगा ‘मोदी मैजिक’, क्या टूट जाएगा दीदी का सपना? सर्वे ने बढ़ाई सियासी हलचल

कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर सियासी पारा लगातार चढ़ता जा रहा है। कई रिपोर्ट में  यह साफ कर दिया है कि इस बार मुकाबला बेहद कड़ा होने वाला है। एक ओर ममता बनर्जी की अगुवाई वाली तृणमूल कांग्रेस है, तो दूसरी तरफ भाजपा पूरी ताकत से सत्ता हासिल करने की कोशिश में जुटी है। ऐसे में सवाल यही उठ रहा है की क्या ‘मोदी मैजिक’ इस बार बंगाल में असर दिखाएगा या दीदी एक बार फिर बाजी मार लेंगी?

वोट शेयर में कड़ा मुकाबला

हालिया सर्वे रिपोर्ट्स के मुताबिक वोट शेयर के स्तर पर दोनों प्रमुख पार्टियों के बीच अंतर बहुत ज्यादा नहीं है। तृणमूल कांग्रेस करीब 43 प्रतिशत वोट शेयर के साथ आगे नजर आ रही है, जबकि बीजेपी 38 से 41 प्रतिशत के बीच पहुंचती दिख रही है। यह अंतर बताता है कि मुकाबला एकतरफा नहीं, बल्कि सीधा टक्कर वाला है।

‘दीदी का चेहरा’ अब भी मजबूत

मुख्यमंत्री पद की पसंद की बात करें तो ममता बनर्जी अब भी सबसे आगे हैं। सर्वे में बड़ी संख्या में लोग उन्हें ही मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहते हैं। उनकी सरकार की कल्याणकारी योजनाएं और ‘स्थानीय पहचान’ उनकी सबसे बड़ी ताकत बनी हुई है।

‘मोदी मैजिक’ पर टिकी बीजेपी की उम्मीद

वहीं पीएम मोदी की लोकप्रियता बीजेपी के लिए सबसे बड़ा हथियार मानी जा रही है। पार्टी को उम्मीद है कि प्रधानमंत्री का प्रभाव और आक्रामक प्रचार अभियान उसे सत्ता के करीब ले जा सकता है। हालांकि, राज्य स्तर पर मजबूत स्थानीय चेहरे की कमी बीजेपी के लिए अब भी चुनौती बनी हुई है।

क्या बदल सकता है चुनावी समीकरण?

हालांकि मौजूदा आंकड़े तृणमूल कांग्रेस को बढ़त में दिखाते हैं, लेकिन बीजेपी की बढ़ती पकड़ ने मुकाबले को पूरी तरह खुला बना दिया है। अंतिम नतीजे कई कारकों पर निर्भर करेंगे जैसे उम्मीदवारों का चयन, प्रचार की दिशा और वोटरों का अंतिम रुख।

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