डिजिटल सिस्टम से मिलेगा सीधा फायदा
सरकार का उद्देश्य साफ है की किसानों तक सही समय पर उच्च गुणवत्ता वाला बीज पहुंचे और उत्पादन में बढ़ोतरी हो। नए ऐप के जरिए यह सुनिश्चित किया जाएगा कि बीज कहां से आया, किस चरण में है और कब किसान तक पहुंचेगा। इससे किसानों को अंदाजा रहेगा कि उन्हें कौन-सा बीज मिल रहा है और उसकी गुणवत्ता कैसी है।
बीज की कालाबाजारी पर लगेगी रोक
अब तक बीज वितरण की प्रक्रिया में कई स्तर होने के कारण पारदर्शिता की कमी रहती थी। नए ट्रैकिंग सिस्टम के लागू होने के बाद हर चरण रिकॉर्ड में रहेगा, जिससे कालाबाजारी और गड़बड़ी पर लगाम लग सकेगी। सरकार का मानना है कि पारदर्शी व्यवस्था से किसानों का भरोसा भी मजबूत होगा।
कैसे काम करेगा यह ऐप
गन्ने का बीज कई चरणों से गुजरता है। शोध केंद्र, बीज उत्पादन केंद्र, नर्सरी और फिर किसान तक। पहले इन चरणों की निगरानी करना मुश्किल होता था, लेकिन अब: किसान मोबाइल ऐप पर बीज की उपलब्धता देख सकेंगे, जरूरत के अनुसार सीधे मांग दर्ज कर पाएंगे, अधिकारियों द्वारा उसी आधार पर आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी, बीज प्राप्त करने वाले किसानों का पूरा रिकॉर्ड डिजिटल रूप में रहेगा।
उत्पादन और आय
सरकार का मानना है कि अच्छी गुणवत्ता के बीज से फसल की पैदावार बेहतर होगी। इससे न केवल उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि किसानों की आय में भी इजाफा होगा। इसके अलावा, डेटा के आधार पर भविष्य में बेहतर किस्मों का चयन करना भी आसान होगा।
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