1. चार लाख मिनी किट के जरिए मुफ्त बीज वितरण
किसानों को राहत देने के लिए कृषि विभाग 4 लाख मिनी किट बांटेगा। इन किट्स के माध्यम से करीब 20 हजार क्विंटल बीज वितरित किए जाएंगे। हर मिनी किट में अलग-अलग फसलों के बीज शामिल होंगे, जैसे: 1 किलो ढैंचा, मक्का और उड़द, 0.5 किलो ग्वार, भिंडी, लोबिया और ज्वार। इससे छोटे और मध्यम किसानों को विविध फसलें उगाने में मदद मिलेगी।
2. ढैंचा बीज का अलग से बड़ा वितरण
हरी खाद को बढ़ावा देने के लिए सरकार 45,000 क्विंटल ढैंचा बीज अलग से उपलब्ध कराएगी। ढैंचा का उपयोग मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने में बेहद कारगर माना जाता है। इस कदम से रासायनिक उर्वरकों की जरूरत कम होगी और खेती ज्यादा टिकाऊ बन सकेगी।
3. बीज वितरण का रिकॉर्ड लक्ष्य तय
खरीफ 2026 के लिए सरकार ने बीज वितरण का लक्ष्य बढ़ाकर 2,33,177 क्विंटल कर दिया है, जो पिछले साल के मुकाबले काफी ज्यादा है।
इसमें प्रमुख फसलों के लिए लक्ष्य इस प्रकार है:
धान: 82,022 क्विंटल
दलहन: 48,249 क्विंटल
तिलहन: 43,622 क्विंटल
बाजरा: 25,555 क्विंटल
मोटे अनाज (रागी, कोदो, सावा): 2,475 क्विंटल
4. समय पर बीज और खाद उपलब्ध कराने पर जोर
सरकार ने निर्देश दिए हैं कि बीज पोर्टल समय पर खोला जाए, ताकि किसानों को बिना देरी के गुणवत्तापूर्ण बीज मिल सके। इसके साथ ही खाद की बिक्री पर सख्त निगरानी रखने के भी निर्देश दिए गए हैं, ताकि कालाबाजारी या कमी की समस्या न हो।
खेती को टिकाऊ बनाने की कोशिश
कृषि मंत्री ने साफ कहा कि अब लक्ष्य केवल उत्पादन बढ़ाना नहीं, बल्कि खेती को टिकाऊ और लाभकारी बनाना है। हरी खाद के इस्तेमाल से मिट्टी की गुणवत्ता सुधरेगी और लंबे समय में किसानों की लागत भी घटेगी।
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