1 .अब टोल पर नहीं चलेगा कैश
नए नियमों के तहत देशभर के सभी टोल प्लाजा पर कैश लेन को समाप्त कर दिया गया है। यानी अब कोई भी यात्री नकद देकर टोल नहीं चुका पाएगा। सभी लेन को डिजिटल भुगतान के लिए तैयार किया गया है, जिससे वाहनों की आवाजाही पहले से ज्यादा तेज और सुगम हो सके।
2 .FASTag और UPI बने मुख्य विकल्प
अब टोल भुगतान के लिए दो प्रमुख विकल्प दिए गए हैं—FASTag और UPI। FASTag पहले से ही व्यापक रूप से उपयोग में है और अब इसे और अधिक अनिवार्य बना दिया गया है। वहीं, जिन यात्रियों के पास FASTag नहीं है या बैलेंस कम है, उनके लिए UPI आधारित QR कोड की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। हालांकि, अधिकारियों ने सलाह दी है कि यात्रा से पहले FASTag को सक्रिय और रिचार्ज रखना ज्यादा सुरक्षित विकल्प है।
नियम तोड़ने पर देना होगा भारी जुर्माना
अगर कोई वाहन बिना सक्रिय FASTag के टोल लेन में प्रवेश करता है या उसमें पर्याप्त बैलेंस नहीं होता, तो उसे दोगुना टोल शुल्क देना पड़ सकता है। यह नियम यात्रियों को डिजिटल सिस्टम अपनाने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से लागू किया गया है।
नई व्यवस्था से ट्रैफिक और समय की बचत
डिजिटल भुगतान व्यवस्था लागू होने से टोल प्लाजा पर लगने वाली लंबी कतारों में काफी कमी आने की उम्मीद है। पहले जहां वाहनों को कई मिनट तक इंतजार करना पड़ता था, वहीं अब यह समय कुछ सेकंड में सिमट सकता है। इससे यात्रियों का समय बचेगा और सफर अधिक आरामदायक होगा।
इस फैसले का सकारात्मक असर पर्यावरण पर भी पड़ेगा। बार-बार रुकने और चलने से होने वाले ईंधन की खपत और प्रदूषण में कमी आएगी। साथ ही, डिजिटल सिस्टम से पारदर्शिता बढ़ेगी और टोल कलेक्शन में होने वाली गड़बड़ियों पर भी रोक लगेगी। साथ ही यह फैसला देश को डिजिटल और स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर की दिशा में आगे बढ़ाने का संकेत है।
.png)
0 comments:
Post a Comment