केंद्र सरकार बढ़ा सकती है दिहाड़ी, मजदूरों के लिए खुशखबरी

नई दिल्ली। देश के लाखों-करोड़ों मजदूरों के लिए जल्द ही राहत भरी खबर आ सकती है। केंद्र सरकार न्यूनतम मजदूरी (फ्लोर वेज) में बढ़ोतरी करने पर विचार कर रही है। यह कदम महंगाई के बढ़ते दबाव और श्रमिक वर्ग की आर्थिक स्थिति को देखते हुए उठाया जा सकता है।

मजदूरों की दिहाड़ी में हो सकता है बड़ा बदलाव

मौजूदा समय में देश में न्यूनतम दिहाड़ी करीब 176 रुपये प्रतिदिन है। लेकिन प्रस्तावित बदलाव के तहत इसे बढ़ाकर लगभग 350 से 450 रुपये प्रतिदिन तक किया जा सकता है। अगर यह फैसला लागू होता है तो मजदूरों की दैनिक और मासिक आय दोनों में सीधा असर देखने को मिलेगा।

पूरे देश के लिए बनेगा एक न्यूनतम मानक

सरकार का उद्देश्य एक ऐसा राष्ट्रीय स्तर का न्यूनतम वेतन ढांचा तैयार करना है, जिसे सभी राज्यों को मानना होगा। इसके बाद कोई भी राज्य इससे कम मजदूरी तय नहीं कर सकेगा। हालांकि राज्य सरकारें चाहें तो इससे अधिक वेतन तय कर सकती हैं। इससे देशभर में मजदूरी व्यवस्था में एकरूपता आने की उम्मीद है और श्रमिकों को बेहतर आर्थिक सुरक्षा मिल सकेगी।

महीने की कमाई पर पड़ेगा असर

नए प्रस्ताव में मजदूरी की गणना 26 कार्य दिवसों के आधार पर करने की बात सामने आ रही है। यदि दिहाड़ी 350 रुपये तय होती है, तो एक मजदूर की मासिक आय लगभग 9,000 रुपये से अधिक हो सकती है। वहीं 450 रुपये की स्थिति में यह आय 11,000 रुपये से ऊपर पहुंच सकती है।

2017 के बाद बड़ा बदलाव संभव

बताया जा रहा है कि 2017 के बाद फ्लोर वेज में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है। ऐसे में बढ़ती महंगाई को देखते हुए यह संशोधन जरूरी माना जा रहा है। सरकार का फोकस मजदूरों की क्रय शक्ति बढ़ाने और उनके जीवन स्तर को सुधारने पर है।

राज्यों में पहले से चल रहे बदलाव

कई राज्य पहले ही अपने स्तर पर मजदूरी बढ़ा चुके हैं। कुछ जगहों पर अनस्किल्ड मजदूरों की मासिक आय 13,000 रुपये से भी अधिक हो चुकी है। ऐसे में केंद्र का यह कदम बाकी राज्यों के लिए भी एक नया मानक तय कर सकता है।

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