पांच साल का कार्यकाल पूरा
पिछले त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के बाद ग्राम प्रधानों की पहली बैठक 27 मई 2021 को हुई थी। इसी आधार पर उनका पांच साल का कार्यकाल 26 मई 2026 को पूरा हो रहा है। इसके साथ ही अन्य पंचायत पदों का कार्यकाल भी अलग-अलग तिथियों पर खत्म होगा। ब्लॉक प्रमुखों का कार्यकाल 19 जुलाई 2026 और जिला पंचायत अध्यक्षों का कार्यकाल 11 जुलाई 2026 तक चलेगा।
चुनाव से पहले निपटाए जा रहे काम
सरकार और प्रशासन की ओर से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कार्यकाल खत्म होने से पहले सभी विकास कार्यों का हिसाब-किताब पूरा कर लिया जाए। कई जिलों में अधिकारियों ने निर्देश जारी कर दिए हैं कि 25 मई तक सभी लंबित भुगतान और योजनाओं का निस्तारण कर लिया जाए, ताकि बाद में कोई वित्तीय विवाद न रहे।
चुनाव में देरी की आशंका
हालांकि पंचायत चुनाव को लेकर अनिश्चितता भी बनी हुई है। राज्य निर्वाचन आयोग ने अंतिम मतदाता सूची जारी करने की तारीख बढ़ा दी है। इसके अलावा आरक्षण प्रक्रिया, खासकर पिछड़ा वर्ग से जुड़ी रिपोर्ट में हो रही देरी भी चुनाव की समय-सीमा को प्रभावित कर सकती है। ऐसे में यह संभावना जताई जा रही है कि चुनाव तय समय पर न हो पाएं।
प्रशासकों के हाथ में जा सकती है जिम्मेदारी
अगर 26 मई तक नए चुनाव नहीं कराए जाते हैं, तो ग्राम पंचायतों का संचालन अस्थायी रूप से प्रशासकों को सौंपा जा सकता है। नियमों के अनुसार, कार्यकाल समाप्त होने के बाद छह महीने के भीतर चुनाव कराना जरूरी होता है, इसलिए इस अवधि के अंदर चुनाव संपन्न कराए जाने की उम्मीद बनी रहती है।

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