8वें वेतन आयोग: रेल कर्मचारियों के लिए 5 बड़े अपडेट, वेतन और सुविधाओं में बड़े बदलाव की मांग

नई दिल्ली। रेलवे कर्मचारियों के वेतन और सुविधाओं में बदलाव को लेकर हलचल तेज हो गई है। दिल्ली में हुई ज्वाइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (जेसीएम) की बैठक में नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन रेलवेमेन (एनएफआईआर) ने 8वें वेतन आयोग के लिए कई अहम प्रस्ताव रखे हैं। इन मांगों का मकसद रेलकर्मियों की आय, भत्तों और सामाजिक सुरक्षा को बेहतर बनाना है।

1. न्यूनतम वेतन और फिटमेंट फैक्टर में बड़ा बदलाव

रेल कर्मचारियों के लिए न्यूनतम वेतन बढ़ाने की मांग की गई है। अभी वेतन गणना 3 यूनिट (पति-पत्नी और एक बच्चे) के आधार पर होती है, जिसे बढ़ाकर 5 यूनिट (माता-पिता सहित) करने का प्रस्ताव है। इसके साथ ही न्यूनतम वेतन को बढ़ाकर 69,000 रुपये करने की बात कही गई है। वहीं, वेतन और पेंशन संशोधन के लिए 3.83 फिटमेंट फैक्टर लागू करने की मांग रखी गई है।

2. सालाना इंक्रीमेंट दोगुना करने की मांग

वर्तमान में कर्मचारियों को हर साल 3% की दर से वेतन वृद्धि मिलती है। इसे बढ़ाकर 6% करने का प्रस्ताव रखा गया है, जिससे कर्मचारियों की आय में नियमित रूप से बेहतर वृद्धि हो सके।

3. भत्तों और छुट्टियों में बड़ा सुधार

रेल कर्मचारियों के भत्तों और अवकाश को लेकर भी कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए हैं। हाउस रेंट अलाउंस को बढ़ाकर 30%, 35% और 40% करने का प्रस्ताव, महिला कर्मचारियों के लिए हर महीने 3 दिन का विशेष अवकाश और मातृत्व अवकाश 240 दिन और पितृत्व अवकाश 45 दिन करने ककी मांग की गई हैं।

4. सस्ते लोन और आर्थिक सुविधाएं

कर्मचारियों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए बिना ब्याज के बड़े लोन की मांग की गई है। 2 करोड़ रुपये तक का हाउस बिल्डिंग एडवांस, 10 लाख रुपये तक का वाहन ऋण। इससे कर्मचारियों को घर और वाहन खरीदने में आसानी हो सकती है।

5. पेंशन, प्रमोशन और बीमा में बड़ा प्रस्ताव

फेडरेशन ने पेंशन और अन्य लाभों में भी बड़े बदलाव सुझाए हैं:

पुरानी पेंशन योजना को फिर से लागू करने की मांग।  

ग्रेच्युटी सीमा 25 लाख से बढ़ाकर 75 लाख रुपये। 

प्रमोशन पर कम से कम 10,000 रुपये का लाभ। 

समूह बीमा कवर को बढ़ाकर 3 करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव। 

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