बिहार में अब सड़कें भी बनेंगी हवाई पट्टी, उतर सकेंगे लड़ाकू विमान

पटना। बिहार अब देश में उन राज्यों की सूची में शामिल होने जा रहा है, जहाँ सड़कों को आपातकालीन हवाई पट्टी के रूप में इस्तेमाल किया जा सकेगा। राज्य सरकार और भारतीय वायुसेना की संयुक्त योजना के तहत, फिलहाल तीन प्रमुख सड़क मार्गों को इस सुविधा के लिए चुना गया है। इस कदम का मकसद रणनीतिक सुरक्षा बढ़ाना और जरूरत पड़ने पर युद्ध या आपातकालीन परिस्थितियों में लड़ाकू विमानों की आवाजाही सुनिश्चित करना है।

तीन प्रमुख सड़क मार्गों को मिली प्राथमिकता

पहली सड़क पटना से पूर्णिया तक बनने वाले एक्सप्रेस-वे की है, जिसकी लंबाई लगभग 245 किलोमीटर है। इस मार्ग पर इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी (ईएलएफ) का निर्माण किया जाएगा। 

दूसरी सड़क गोरखपुर से सिलीगुड़ी तक फैली है, जिसकी लंबाई 420 किलोमीटर है। यह सड़क नेपाल सीमा के पास है और यहाँ भी ईएलएफ की सुविधा विकसित की जाएगी। 

तीसरी सड़क रामजानकी मार्ग के अंतर्गत सीतामढ़ी से भिट्ठामोड़ और नरहिया तक है, जिसे भी ईएलएफ के लिए चुना गया है। इन परियोजनाओं के लिए अनुमानित लागत क्रमशः 18,242 करोड़ और 23,434 करोड़ रुपये बताई गई है।

सड़क रनवे का तकनीकी निर्माण

सड़क पर लड़ाकू विमान उतारने के लिए साधारण हाईवे का डिजाइन पर्याप्त नहीं होता। इसके लिए सड़क का चयन बेहद सावधानी से किया जाता है। सड़क का वह हिस्सा बिल्कुल सीधा और समतल होना चाहिए, ताकि विमान की लैंडिंग सुरक्षित हो। नीचे की जमीन को मजबूत बनाना, ढलान या अवरोध न होना, बिजली के खंभों और मोबाइल टावरों की अनुपस्थिति, तथा डिवाइडर को आवश्यकतानुसार हटाने की व्यवस्था जरूरी है। इसके अलावा सड़क के दोनों किनारों पर पोर्टेबल लाइटिंग सिस्टम स्थापित करने की सुविधा भी रखी जाती है।

भारत में सड़क रनवे का इतिहास

भारत में सड़क रनवे का प्रयोग पहली बार 21 मई 2015 को यूपी के यमुना एक्सप्रेस-वे पर किया गया था, जब मिराज 2000 लड़ाकू विमान को दो बार सुरक्षित लैंडिंग के लिए उतारा गया। इसके अलावा असम में भी सड़क रनवे मौजूद है। 

बिहार में नेपाल सीमा के पास इन सड़कों पर ईएलएफ की सुविधा का निर्माण देश की रणनीतिक सुरक्षा क्षमता को बढ़ाएगा। किसी भी आकस्मिक स्थिति में वायु सेना तुरंत कार्रवाई कर सकेगी। इसके अलावा, इन सड़क रनवे के माध्यम से हवाई अड्डे की सभी सुविधाएं सड़क पर आसानी से विकसित की जा सकती हैं।

0 comments:

Post a Comment