यूपी में श्रमिकों के लिए बड़ी खुशखबरी, आज से बढ़ी मजदूरी, देखें लिस्ट

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में लाखों संगठित और असंगठित श्रमिकों के लिए खुशखबरी है। राज्य सरकार ने अप्रैल 2026 से कामगारों की न्यूनतम मजदूरी और महंगाई भत्ते (DA) में बढ़ोतरी की घोषणा की है। यह बढ़ोतरी ईंट-भट्ठा, कांच, प्लास्टिक, डेयरी, कालीन और अन्य तमाम उद्योगों में काम करने वाले श्रमिकों को प्रतिदिन 10 से 14 रुपये तक अतिरिक्त मजदूरी प्रदान करेगी।

मजदूरी बढ़ोतरी का असर

उत्तर प्रदेश श्रम विभाग ने श्रमिकों की श्रेणी के अनुसार नई मजदूरी दरें तय की हैं। अब अकुशल श्रमिकों की मासिक मजदूरी 11,021 रुपये से बढ़कर 11,313 रुपये हो गई है। अर्द्ध-कुशल श्रमिकों को 12,123 रुपये की जगह 12,445 रुपये मासिक मिलेंगे। कुशल श्रमिकों की नई मासिक मजदूरी 13,940.37 रुपये तय की गई है।

कांच की चूड़ी उद्योग के श्रमिकों की स्थिति भी सुधरी है। अकुशल श्रमिक अब 9,825 रुपये की जगह 10,096.68 रुपये प्रति माह प्राप्त करेंगे, जो प्रतिदिन 388.33 रुपये के बराबर है। अर्द्ध-कुशल श्रमिकों की नई मजदूरी प्रतिदिन 442.52 रुपये होगी, जबकि कुशल श्रमिक 492.19 रुपये प्रतिदिन पाएंगे।

 विशेष श्रमिक वर्गों की नई दरें

तारवाला उद्योग में मासिक मजदूरी 25,503 रुपये से बढ़कर 26,180.93 रुपये हो जाएगी। इसका मतलब है कि प्रतिदिन वे 1,006.95 रुपये कमा सकेंगे। बेलनिया श्रमिक अब प्रतिदिन 704.41 रुपये और पर्यवेक्षक 681.84 रुपये प्राप्त करेंगे।

नियोजनों और उद्योगों पर असर

न्यूनतम मजदूरी अधिनियम-1948 के तहत अनुसूचित 74 उद्योगों में यह बढ़ोतरी लागू होगी। इसमें ईंट-भट्ठा, प्लास्टिक, रबड़ उत्पाद, मिष्ठान, प्लाईवुड, कपड़ा, प्राइवेट अस्पताल, तंबाकू उत्पादन, बेकरी, फर्नीचर उद्योग, सिलाई और कई अन्य शामिल हैं। महंगाई भत्ते की यह बढ़ोतरी उद्योगों के लिए मामूली अतिरिक्त आर्थिक भार लाएगी, लेकिन श्रमिकों की जीवनशैली और खर्चों में सुधार सुनिश्चित करेगी।

जानकारों का मानना है कि श्रमिकों की मजदूरी में यह बढ़ोतरी श्रमिकों की जीवनशैली और उनके परिवार की भलाई के लिए अहम है। साथ ही, यह कदम छोटे और मध्यम उद्योगों में कामगारों की संतुष्टि और उत्पादकता बढ़ाने में मदद करेगा।

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