यह धनराशि ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने और स्थानीय निकायों की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए इस्तेमाल होगी। केंद्र सरकार की यह पहल रोजगार के अवसर बढ़ाने और स्थानीय प्रशासन की कार्यकुशलता सुधारने में भी मदद करेगी।
अंतिम किस्त और वित्तीय योजना
यह राशि 15वें वित्त आयोग की पांच साल की अवधि का अंतिम चरण है। इस योजना में कुल 4.36 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था। मौजूदा फंड इसी योजना का हिस्सा है, जिसे राज्यों को निर्धारित शर्तों के आधार पर वितरित किया गया।
फंड की श्रेणियाँ: टाइड और अनटाइड
टाइड ग्रांट: यह बंधित फंड विशेष कार्यों के लिए खर्च किया जा सकता है, जैसे स्वच्छता अभियान, पेयजल प्रबंधन, वर्षा जल संचयन और खुले में शौच मुक्त (ODF) स्थिति बनाए रखना।
अनटाइड ग्रांट: यह फंड स्थानीय निकायों को उनकी प्राथमिकताओं के अनुसार खर्च करने की स्वतंत्रता देता है, हालांकि इसका इस्तेमाल वेतन या प्रशासनिक खर्च के लिए नहीं किया जा सकता।
फंड वितरण प्रदर्शन आधारित है और राज्यों को तब ही राशि मिलती है जब वे ऑडिट रिपोर्ट और उपयोग प्रमाण पत्र जमा करते हैं।
राज्यों में वितरण का विवरण
राजस्थान: अनटाइड ग्रांट की दूसरी किस्त के रूप में 315.61 करोड़ रुपये जारी।
तेलंगाना: 12,600 से अधिक ग्राम पंचायतों के लिए 247.94 करोड़ रुपये की राशि।
महाराष्ट्र: टाइड और अनटाइड ग्रांट के रूप में कुल 628.94 करोड़ रुपये जारी।
उत्तराखंड: 91.31 करोड़ रुपये की दूसरी किस्त, साथ ही पहले रोकी गई राशि 1.84 करोड़ रुपये जारी।
मेघालय: 27 करोड़ रुपये अनटाइड और 22.20 करोड़ रुपये टाइड ग्रांट के रूप में।

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