63 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेस-वे का होगा उद्घाटन
करीब 63 किलोमीटर लंबे इस आधुनिक एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह संयुक्त रूप से करेंगे। कार्यक्रम में योगी आदित्यनाथ सहित कई वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है। परियोजना को विकसित करने में लगभग 4,700 करोड़ रुपये की लागत आई है।
35 से 45 मिनट में पूरा होगा सफर
फिलहाल NH-27 के जरिए लखनऊ से कानपुर पहुंचने में ट्रैफिक के कारण अक्सर ढाई से तीन घंटे तक का समय लग जाता है। लेकिन नए एक्सप्रेस-वे के चालू होने के बाद यही दूरी केवल 35 से 45 मिनट में पूरी की जा सकेगी। एक्सप्रेस-वे पर वाहनों के लिए 120 किलोमीटर प्रति घंटा की अधिकतम गति निर्धारित की गई है।
सुविधाओं से लैस है एक्सप्रेस-वे
यात्रियों की सुरक्षा और सुगम यातायात को ध्यान में रखते हुए इस एक्सप्रेस-वे को पूरी तरह सिग्नल-फ्री बनाया गया है। परियोजना में 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरे, 2 एलिवेटेड सेक्शन, 3 बड़े पुल, 28 छोटे पुल, 38 अंडरपास, 6 फ्लाईओवर का निर्माण किया गया है, जिससे यातायात बिना रुकावट संचालित हो सके।
जानिए कितनी होगी टोल दर
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने इस एक्सप्रेस-वे के लिए टोल दरें भी तय कर दी हैं।
कार, जीप और SUV: एक तरफ ₹275, 24 घंटे के भीतर वापसी पर ₹415
हल्के वाणिज्यिक वाहन: एक तरफ ₹445, वापसी पर ₹670
बस और ट्रक: एक तरफ ₹935, वापसी पर ₹1,405
भारी वाहन: एक तरफ ₹1,020, वापसी पर ₹1,530
इसके अलावा नियमित यात्रियों के लिए ₹3,075 का वार्षिक पास उपलब्ध होगा, जिसके जरिए एक वर्ष में 200 यात्राएं की जा सकेंगी।
दोपहिया और तिपहिया वाहनों की नहीं होगी एंट्री
इस हाई-स्पीड एक्सप्रेस-वे पर केवल निर्धारित श्रेणी के वाहनों को ही चलने की अनुमति होगी। दोपहिया और तिपहिया वाहन इस मार्ग का उपयोग नहीं कर सकेंगे, ताकि तेज गति वाले यातायात की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
यह एक्सप्रेस-वे अमौसी (लखनऊ) से शुरू होकर उन्नाव के शुक्लागंज के रास्ते कानपुर के आजाद चौक तक जाएगा। साथ ही इसे कानपुर रिंग रोड से भी जोड़ा जा रहा है। इससे शहर के अंदर ट्रैफिक का दबाव कम होगा और दूसरे मार्गों पर यात्रा करने वाले लोगों को भी लाभ मिलेगा।
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