मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक गुरुवार को पश्चिमी और पूर्वी यूपी के ज्यादातर हिस्सों में बादल छाए रहेंगे। कई जगहों पर मेघगर्जन के साथ तेज बारिश हो सकती है। इस दौरान हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है।
बहराइच में सबसे ज्यादा बारिश दर्ज
बारिश के आंकड़ों की बात करें तो बुधवार को प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश हुई। इनमें बहराइच में सबसे ज्यादा 113 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा बिजनौर में करीब 95 मिमी और ललितपुर में 93 मिमी बारिश दर्ज हुई। राजधानी लखनऊ में भी मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। यहां बादल छाए रहने और गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है।
10 दिन की देरी से पहुंचा मानसून
इस साल यूपी में मानसून सामान्य समय से करीब 10 दिन की देरी से पहुंचा है। मंगलवार को मानसून ने सोनभद्र और महराजगंज के रास्ते प्रदेश में दस्तक दी। इसके बाद धीरे-धीरे यह कई जिलों तक पहुंच गया। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार मानसून अब आजमगढ़, अयोध्या और बरेली समेत कई इलाकों में सक्रिय हो चुका है। मानसून के असर से प्रदेश के तापमान में भी गिरावट आई है।
किन जिलों में ज्यादा असर देखने को मिल सकता है?
मौसम विभाग के अलर्ट में पश्चिमी यूपी से लेकर पूर्वी यूपी तक कई जिले शामिल हैं। इनमें गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद, मेरठ, सहारनपुर, बरेली, पीलीभीत, बदायूं, बागपत, शामली, मुजफ्फरनगर, हापुड़, बुलंदशहर, रामपुर, संभल, मुरादाबाद, अमरोहा, बिजनौर, मथुरा, अलीगढ़, हाथरस, आगरा, मैनपुरी, कानपुर, उन्नाव, वाराणसी, जौनपुर, प्रतापगढ़, हरदोई, कन्नौज, इटावा और अमेठी समेत कई जिले शामिल हैं।
किसानों के लिए बड़ी राहत, लेकिन सावधानी जरूरी
मानसून की बारिश किसानों के लिए राहत लेकर आई है। धान समेत खरीफ फसलों की बुवाई के लिए यह बारिश फायदेमंद मानी जा रही है। हालांकि भारी बारिश के दौरान बिजली गिरने और तेज हवाओं को लेकर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचें और बिजली चमकने के समय सावधानी बरतें।
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