क्यों बढ़ाई गई अंतिम तारीख?
सरकार के अनुसार, अंतिम तिथि नजदीक आने के साथ GSTAT पोर्टल पर अपील दाखिल करने वालों की संख्या अचानक बढ़ गई। अधिक ट्रैफिक के कारण कई उपयोगकर्ताओं को पोर्टल पर तकनीकी समस्याओं का सामना करना पड़ा। विभिन्न उद्योग संगठनों और करदाताओं से मिली शिकायतों के बाद सरकार ने स्थिति की समीक्षा की और अपील दाखिल करने के लिए एक महीने का अतिरिक्त समय देने का निर्णय लिया।
किन मामलों पर लागू होगा फैसला?
नई समयसीमा GST अधिनियम की धारा 112(1) तथा धारा 112(3) के तहत GSTAT में दायर की जाने वाली अपीलों पर लागू होगी। सरकार ने इस संबंध में संशोधित अधिसूचना जारी कर स्पष्ट किया है कि पात्र मामलों में अब 31 जुलाई 2026 तक अपील दाखिल की जा सकती है।
पोर्टल पर रिकॉर्ड संख्या में दर्ज हुईं अपीलें
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, अंतिम तिथि से पहले के 15 दिनों में करीब 30,000 अपीलें GSTAT पोर्टल पर दर्ज की गईं। वहीं एक ही दिन में लगभग 5,500 अपीलें दाखिल होने से पोर्टल पर असाधारण दबाव बन गया। इसी वजह से कई करदाताओं को लॉगिन, दस्तावेज अपलोड और आवेदन जमा करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
सरकार ने करदाताओं को क्या सलाह दी?
केंद्र सरकार ने टैक्सपेयर्स से आग्रह किया है कि वे नई समयसीमा का इंतजार करने के बजाय जल्द से जल्द अपनी अपील दाखिल करें। इससे पोर्टल पर अंतिम दिनों में भीड़ कम रहेगी और तकनीकी बाधाओं की संभावना भी घटेगी।
GSTAT क्या है और इसकी क्या भूमिका है?
गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स अपीलीय न्यायाधिकरण (GSTAT) GST विवादों के समाधान के लिए स्थापित एक महत्वपूर्ण न्यायिक मंच है। यदि किसी करदाता को प्रथम अपीलीय प्राधिकारी के आदेश से असहमति होती है, तो वह GSTAT में अपील कर सकता है। यह मंच करदाताओं और कर विभाग के बीच उत्पन्न विवादों के निष्पक्ष निपटारे का कार्य करता है।
टैक्सपेयर्स के लिए यह राहतभरा फैसला
समयसीमा बढ़ाने का यह निर्णय उन हजारों करदाताओं के लिए राहत लेकर आया है जो पोर्टल पर तकनीकी समस्याओं के कारण समय पर अपील नहीं कर पाए थे। अब उनके पास आवश्यक दस्तावेज तैयार कर निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपील दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय उपलब्ध होगा।

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