वित्त मंत्रालय की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, छोटी बचत योजनाओं पर मिलने वाली ब्याज दरें पिछली तिमाही की तरह ही जारी रहेंगी। इसका मतलब है कि पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF), सुकन्या समृद्धि योजना (SSY), सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS) और नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC) जैसी योजनाओं में निवेश करने वालों को पहले की तरह ही तय रिटर्न मिलता रहेगा।
1. PPF में सुरक्षित निवेश का मौका
पब्लिक प्रोविडेंट फंड यानी PPF लंबे समय के लिए सुरक्षित निवेश का विकल्प माना जाता है। इसमें निवेश करने वालों को टैक्स लाभ के साथ ब्याज का फायदा भी मिलता है। इस योजना की अवधि 15 साल होती है और मौजूदा ब्याज दर 7.1 प्रतिशत है। अगर कोई व्यक्ति हर साल 10 हजार रुपये जमा करता है तो 15 साल में कुल 1.50 लाख रुपये निवेश होंगे और मैच्योरिटी पर करीब 2.71 लाख रुपये तक की राशि मिल सकती है।
2. सुकन्या समृद्धि योजना में बेटियों को फायदा
बेटियों की पढ़ाई और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए शुरू की गई सुकन्या समृद्धि योजना सबसे लोकप्रिय बचत योजनाओं में शामिल है। इस योजना में फिलहाल 8.2 प्रतिशत ब्याज मिल रहा है। इसमें एक वित्त वर्ष में अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक जमा किए जा सकते हैं। अगर हर साल 10 हजार रुपये निवेश किए जाएं तो 15 साल में 1.50 लाख रुपये जमा होंगे और मैच्योरिटी पर करीब 4.79 लाख रुपये तक मिल सकते हैं।
3. वरिष्ठ नागरिकों के लिए SCSS योजना
सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम खासतौर पर 60 साल या उससे अधिक उम्र के लोगों के लिए बनाई गई है। रिटायरमेंट के बाद नियमित आय और आर्थिक सुरक्षा के लिए यह योजना उपयोगी मानी जाती है। इसमें वर्तमान ब्याज दर 8.2 प्रतिशत है। इसमें अधिकतम 30 लाख रुपये तक निवेश किया जा सकता है। उदाहरण के तौर पर 5 लाख रुपये के निवेश पर 5 साल बाद करीब 7.05 लाख रुपये तक की राशि मिल सकती है।
4. NSC में मिलेगा तय रिटर्न
नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट यानी NSC पोस्ट ऑफिस की लोकप्रिय योजनाओं में से एक है। इसकी मैच्योरिटी अवधि 5 साल होती है। इस योजना में फिलहाल 7.7 प्रतिशत ब्याज दिया जा रहा है। इसमें निवेश की कोई अधिकतम सीमा तय नहीं है। अगर कोई व्यक्ति 5 लाख रुपये निवेश करता है तो 5 साल बाद करीब 7.25 लाख रुपये तक की राशि मिल सकती है।
5. ब्याज दर स्थिर रहने से निवेशकों को राहत
सरकार के इस फैसले से छोटी बचत योजनाओं में निवेश करने वाले लोगों को राहत मिली है। ब्याज दरों में बदलाव नहीं होने से निवेशकों को अपनी मौजूदा योजनाओं पर पहले की तरह ही रिटर्न मिलता रहेगा। छोटी बचत योजनाएं सुरक्षित निवेश, निश्चित रिटर्न और लंबी अवधि की बचत के लिए लोगों की पसंद बनी हुई हैं।
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