936 संस्थानों में मिलेगा प्रशिक्षण
योजना के दूसरे चरण के तहत 936 प्रशिक्षण प्रदाताओं के माध्यम से विभिन्न कौशल आधारित कोर्स संचालित किए जाएंगे। इनमें निजी संस्थानों के साथ-साथ सरकारी और स्टार्टअप आधारित प्रशिक्षण केंद्र भी शामिल हैं। सरकार ने सभी संस्थानों को तय समयसीमा के अनुसार 1 अगस्त से प्रशिक्षण शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
पहली बार पढ़ाया जाएगा 'AI for All'
इस बार योजना में सबसे बड़ा बदलाव यह किया गया है कि सभी प्रशिक्षण कार्यक्रमों में 'AI for All' मॉड्यूल को अनिवार्य कर दिया गया है। प्रत्येक बैच में कम से कम चार घंटे की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़ी कक्षाएं होंगी। इसके अलावा सॉफ्ट स्किल, डिजिटल दक्षता और भविष्य की तकनीकों से जुड़े विषय भी पढ़ाए जाएंगे, ताकि युवा बदलते रोजगार बाजार के अनुरूप खुद को तैयार कर सकें।
आधुनिक सेक्टरों पर रहेगा विशेष जोर
सरकार ने इस चरण में उन क्षेत्रों को प्राथमिकता दी है, जहां आने वाले वर्षों में रोजगार की अधिक संभावनाएं हैं। इनमें हेल्थकेयर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), आईटी एवं आईटीईएस, इलेक्ट्रॉनिक्स, फूड प्रोसेसिंग, अपैरल, हैंडीक्राफ्ट्स जैसे सेक्टर शामिल हैं। प्रशिक्षण के लिए केवल राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त जॉब रोल ही चुने जाएंगे।
रोजगार मेले में उन्हीं को मिलेगा मौका
सरकार ने प्रशिक्षण की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया है। जिन प्रशिक्षुओं की 70 प्रतिशत या उससे अधिक उपस्थिति होगी, उन्हें ही रोजगार मेलों में भाग लेने का अवसर मिलेगा। इतना ही नहीं, प्रशिक्षण पूरा होने के 90 दिनों के भीतर संस्थानों को प्लेसमेंट सुनिश्चित करने का लक्ष्य दिया गया है। नौकरी मिलने के बाद भी युवाओं की 365 दिनों तक ट्रैकिंग की जाएगी।

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