सरकार का उद्देश्य है कि हर ग्राम पंचायत में एक सचिव की तैनाती हो, जिससे विकास योजनाओं का काम तेजी से हो सके और ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके।
पहले चरण में 4,372 पदों पर होगी पहल
मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में फैसला लिया गया कि पंचायत सचिवों के नए पद चरणबद्ध तरीके से बनाए जाएंगे। पहले चरण में 4,372 पदों के सृजन की प्रक्रिया शुरू होगी। इसके बाद अगले दो वर्षों में भी इतने ही पदों का सृजन किया जाएगा। इस तरह तीन साल में कुल 13,116 नए पद तैयार किए जाएंगे।
हजारों ग्राम पंचायतों में है सचिवों की कमी
प्रदेश में करीब 58 हजार ग्राम पंचायतें हैं, जबकि वर्तमान में ग्राम पंचायत अधिकारी और ग्राम विकास अधिकारी मिलाकर लगभग 16 हजार कर्मचारी कार्यरत हैं। कई ग्राम पंचायतों में सचिवों की तैनाती नहीं होने के कारण एक कर्मचारी को एक से अधिक पंचायतों का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। इससे काम का दबाव बढ़ रहा है और पंचायत स्तर पर योजनाओं के संचालन में भी परेशानी आती है।
भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू होने की उम्मीद
पंचायतीराज विभाग की ओर से नए पदों के लिए प्रस्ताव वित्त विभाग को भेजा जा रहा है। पदों की स्वीकृति मिलने के बाद भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इससे बड़ी संख्या में युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशासनिक कामकाज भी पहले से आसान होने की उम्मीद है।
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