उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक राजेश कुमार पांडेय ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि कार्यालयों में हिंदी में काम करने की व्यवस्था को मजबूत किया जाए। उन्होंने कहा कि राजभाषा से जुड़े लक्ष्यों को पूरा करना सभी विभागों की जिम्मेदारी है।
निरीक्षण रिपोर्ट में देनी होगी हिंदी कार्य की जानकारी
महाप्रबंधक ने अधिकारियों से कहा है कि जब भी वे अपने विभागों का निरीक्षण करें तो राजभाषा कार्यान्वयन की स्थिति की भी समीक्षा करें। निरीक्षण रिपोर्ट में हिंदी के उपयोग और प्रगति से जुड़ी जानकारी शामिल करना अनिवार्य होगा। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि विभागों में हिंदी के इस्तेमाल को केवल औपचारिकता तक सीमित न रखा जाए, बल्कि रोजमर्रा के कामकाज में भी लागू किया जाए।
संसदीय समिति के निरीक्षण को लेकर तैयारी
रेलवे अधिकारियों को संसदीय राजभाषा समिति के निरीक्षण को ध्यान में रखते हुए जरूरी तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। कार्यालय प्रमुखों को निरीक्षण के दौरान स्वयं मौजूद रहने और समिति की गाइडलाइन का पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है। इसके अलावा समिति की प्रश्नावली को सही और पूरी जानकारी के साथ भरने के निर्देश भी दिए गए हैं।
अधिकारियों को हिंदी में काम करने की अपील
मुख्य राजभाषा अधिकारी शिल्पी अग्रवाल ने अधिकारियों से अपील की कि वे स्वयं हिंदी में कार्य करें और अपने अधीनस्थ कर्मचारियों को भी इसके लिए प्रोत्साहित करें। उन्होंने कहा कि कार्यालयों में हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देने के लिए नियमित निगरानी जरूरी है।
राजभाषा व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर
इस संबंध में क्षेत्रीय राजभाषा कार्यान्वयन समिति की बैठक भी आयोजित की गई, जिसमें उत्तर रेलवे के विभिन्न विभागों के अधिकारी शामिल हुए। बैठक में राजभाषा से जुड़े कार्यों की समीक्षा की गई और आगे की रणनीति पर चर्चा हुई। रेलवे का यह कदम सरकारी कामकाज में हिंदी के उपयोग को बढ़ाने और विभागीय कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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