सरकार की योजना के तहत करीब 10 लाख युवाओं को AI, डिजिटल स्किल और आधुनिक तकनीकों की ट्रेनिंग देने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए स्टार्टअप नीति और एआई प्रज्ञा प्रोग्राम के जरिए युवाओं को भविष्य की जरूरतों के हिसाब से तैयार किया जाएगा।
49 आईटीआई में खुलेंगी AI लैब
तकनीकी शिक्षा को मजबूत करने के लिए राज्य के 49 आईटीआई में AI लैब स्थापित करने की तैयारी है। इन लैब में छात्रों को सिर्फ किताबी जानकारी नहीं, बल्कि प्रैक्टिकल ट्रेनिंग भी दी जाएगी। AI, डेटा एनालिटिक्स और डिजिटल टूल्स की जानकारी मिलने से छात्र उद्योगों की जरूरत के अनुसार अपनी स्किल विकसित कर पाएंगे।
इन शहरों में बढ़ेगी स्टार्टअप गतिविधियां
राज्य सरकार ने बिहार के कई प्रमुख शहरों को टेक्नोलॉजी और इनोवेशन के केंद्र के रूप में विकसित करने की तैयारी की है। इसमें पटना, दरभंगा, गया, मुजफ्फरपुर, भागलपुर और पूर्णिया जैसे शहर शामिल हैं। इन शहरों में स्टार्टअप से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि युवाओं को अपने आइडिया पर काम करने और नए कारोबार शुरू करने के लिए स्थानीय स्तर पर बेहतर माहौल मिल सके।
100 से ज्यादा स्टार्टअप इन्क्यूबेटर बनाने की योजना
युवाओं के नए बिजनेस आइडिया को आगे बढ़ाने के लिए राज्य में 100 से अधिक स्टार्टअप इन्क्यूबेटर तैयार करने की योजना है। इन इन्क्यूबेटर सेंटरों में युवाओं को बिजनेस प्लान तैयार करने, तकनीकी सहायता लेने और विशेषज्ञों से मार्गदर्शन प्राप्त करने का मौका मिलेगा। इससे नए स्टार्टअप को शुरुआत से मजबूत आधार मिल सकेगा।
Google और Microsoft जैसी कंपनियों से मिलेगी ट्रेनिंग
युवाओं को विश्वस्तरीय तकनीक की जानकारी देने के लिए बड़ी टेक कंपनियों के साथ सहयोग की योजना बनाई गई है। इसके तहत AI, डेटा एनालिटिक्स और अन्य आधुनिक डिजिटल क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे युवाओं की तकनीकी क्षमता बढ़ेगी और उन्हें रोजगार के नए विकल्प मिल सकेंगे।
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