आपको बता दें की उत्तर प्रदेश की सरकार ने इसके लिए यूपी फिश फार्मर एप तैयार किया है। इस एप के जरिए मत्स्य पालक अपनी मछलियों का बीमा करा सकेंगे। इससे मछली पालन को सुरक्षित और लाभकारी व्यवसाय बनाने की दिशा में मदद मिलेगी।
मछली पालन को मिलेगी राहत
मछली पालन करने वाले किसानों को कई बार प्राकृतिक आपदाओं और तकनीकी कारणों से भारी नुकसान उठाना पड़ता है। तेज बारिश, बाढ़, तालाब में पानी की खराब गुणवत्ता, बीमारी या अन्य वजहों से बड़ी संख्या में मछलियां मर जाती हैं। ऐसी स्थिति में मत्स्य पालकों की मेहनत और निवेश दोनों प्रभावित होते हैं। कई बार नुकसान इतना ज्यादा होता है कि उन्हें आर्थिक संकट का सामना करना पड़ता है। अब बीमा सुविधा मिलने से ऐसे हालात में उन्हें राहत मिल सकेगी।
न्यू इंडिया कंपनी के जरिए होगा बीमा
मत्स्य पालकों की मछलियों का बीमा न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी के माध्यम से कराया जाएगा। बीमा प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए ऑनलाइन व्यवस्था की गई है। मत्स्य पालकों को सबसे पहले यूपी फिश फार्मर एप पर पंजीकरण करना होगा। पंजीकरण के बाद मिलने वाली आईडी के आधार पर तालाब का क्षेत्रफल, मछली की प्रजाति और पालन से जुड़ी जानकारी दर्ज कर बीमा कराया जा सकेगा।
रायबरेली में हजारों लोग जुड़े हैं मछली पालन से
रायबरेली जिले में बड़ी संख्या में तालाब और पोखरों में मछली पालन किया जाता है। यहां करीब 2873 तालाब और पोखर हैं, जहां मछली पालन हो रहा है। इसके अलावा लगभग 2600 पंजीकृत मत्स्य पालक इस व्यवसाय से जुड़े हुए हैं। मछली उत्पादन से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हजारों लोगों को रोजगार भी मिलता है। ऐसे में बीमा सुविधा शुरू होने से इस क्षेत्र से जुड़े लोगों को आर्थिक सुरक्षा मिलेगी।
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