सोने की छड़ और सिक्कों की मांग में गिरावट
सितंबर तिमाही में भारत में सोने की छड़ और सिक्कों की मांग पिछली तिमाही के मुकाबले 9 प्रतिशत बढ़कर 55 टन हो गई। हालांकि, पिछले साल की समान अवधि की तुलना में इसमें 40 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई। सोने पर आयात शुल्क बढ़ने और कीमतों में तेजी की रफ्तार धीमी होने को इसकी प्रमुख वजहों में गिना गया है।
कुल निवेश में 12 प्रतिशत की बढ़ोतरी
रिपोर्ट के अनुसार, सितंबर तिमाही में भारत में सोने का कुल निवेश पिछली तिमाही के मुकाबले 12 प्रतिशत बढ़कर लगभग 60 टन रहा। वहीं, गोल्ड ईटीएफ में निवेश भी बढ़ा। इसकी मांग जून तिमाही के 3.6 टन से बढ़कर सितंबर तिमाही में 5.3 टन पहुंच गई।
डिजिटल गोल्ड का बढ़ रहा चलन
डिजिटल गोल्ड में भी निवेशकों की रुचि बढ़ी है। 2026 के पहले नौ महीनों में इसकी मांग सालाना आधार पर 76 प्रतिशत बढ़कर 16.3 टन हो गई। कम रकम से निवेश शुरू करने और आसानी से खरीदारी की सुविधा को इसके बढ़ते चलन की वजह माना जा रहा है।
दरअसल, सोने की छड़ और सिक्कों की मांग में सालाना गिरावट के बावजूद भारत में गोल्ड ईटीएफ और डिजिटल गोल्ड जैसे निवेश विकल्पों की लोकप्रियता बढ़ रही है। इससे पता चलता है कि निवेशक सोने में पैसा लगाने के लिए अलग-अलग तरीकों को अपना रहे हैं।

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